दिनेश मोहन |  मॉडल और एक्टर | मुश्किलें जिनके सामने घुटने टेक देती हैं

लोगों के प्रेरणास्त्रोत हैं दिनेश मोहन, जानिए उनकी कहानी उनकी जुबानी

दिनेश मोहन , जिनके सामने जिंदगी की मुश्किलें घुटने टेक देती हैं। टीवी सीरियल्स और फिल्मों के कलाकार दिनेश मोहन। उनके बारे में आप जितना जानेंगे उतना ही ज़िंदगी को लेकर आपका फलसफा बदलता जाएगा। बेहद सुलझे हुए इंसान तो आप हैं हीं साथ ही एक ऐसी मोटिवेशनल पर्सनालिटी हैं जिनसे बहुत कुछ सीखा जा सकता है। दिनेश मोहन जी से गॉसिप गंज के एडिटर मधुरेंद्र पाण्डे ने खास बातचीत की।

मधुरेंद्र पाण्डे – आपका टीवी की दुनिया से कोई लेना देना नहीं था। लेकिन आज आप एक कामयाब मॉडल और एक्टर हैं। इसे चमत्कार कहें या फिर कुछ और..

दिनेश मोहन – दरअसल एक्टिंग के बारे में तो कभी सोचा भी नहीं था। बस ज़िंदगी ने जो चाहा वैसा मैनें किया। टीचिंग से करियर शुरु किया था फिर हरियाणा सरकार में क्लास वन ऑफिसर की जॉब की। लेकिन एक होता है कि आपको कुछ ना कुछ अखरता है। मुझे मेरी जॉब अखरने लगी। सेटिशफेक्शन नहीं था लिहाजा एक दिन ऐसा आया कि मैंने नौकरी छोड़ दी।

मधुरेंद्र पाण्डे – नौकरी छोड़ने के बाद आपने एक्टिंग में हाथ आजमाया?

दिनेश मोहन – नहीं ऐसा नहीं हैं कि मुझे एक्टिंग ही करनी थी या फिर मॉडलिंग करनी थी। दरअसल ये कहानी कुछ पेचीदा है और (थोड़ा रुकते हुए) खैर आपने पूछा है तो बताता हूं। हुआ यूं कि कुछ ऐसे हालात थे या नियति मैं गहरे डिप्रेशन का शिकार हो गया था। अच्छा डिप्रेशन खुद अकेला नहीं आता साथ में कई बीमारियां भी लेकर आता है। डिप्रेशन की ही वजह थी कि मेरा वजन बढ़ने लगा और दिनेश मोहनकरीब 125 किलो तक पहुंच गया। सेंस ऑफ बैलेंस खत्म हो चुका था। मैं ना चल फिर नहीं सकता था। करीब 4 साल तक मैंने वो ज़िंदगी जी है कि जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। 8 महीने तक तो मैं पूरी तरह बेड पर रहा। लेकिन फिर खुद से सवाल किया कि आखिर ये सब कब तक चलेगा। तकलीफें झेंली लेकिन हार नहीं मानी। मैं अपनी बहन के साथ रहता हूं। उन्होंने मुझे मोटीवेट किया कि मैं मानों सबकुछ कर सकता हूं। बस वहां से कोशिश शुरु की। 2014 में मैने अपना 45 किलो वजन कम कर लिया।

मधुरेंद्र पाण्डे – लेकिन मॉडलिंग का सिलसिला कैसे शुरु हुआ?

दिनेश मोहन – वही बताता हूं। मेरे घर के करीब ही एक सज्जन रहते हैं। उन्हें मेरे बारे में सारी जानकारी थी। उन्होंने जब कि ये बंदा तो एक फिट एंड फाइन हो गया है तो उन्होंने अपनी मैगजीन में मेरे ऊपर एक आर्टिकल लिखा। अब किस्मत थी कि वो आर्टिकल कास्टिंग वाले ने देख ली और उन्होंने मुझे फोन करके बुलाया। ऑडिशन लिया औऱ आडिशन टेस्ट क्लियर हो गया। उसके बाद साल 2015 से मैंने इस फील्ड में काम करना शुरु कर दिया। सच कहूं तो मैने ऐसा कुछ ना सोचा था ना ही प्लान किया था। सब ईश्वर की मर्जी थी। नियति थी जो भी आप कह लें। आज 500 से ज्यादा प्रोजेक्ट कर चुका हूं।

मधुरेंद्र पाण्डे – अब कैसा लगता है क्योंकि अब तो लोग आपको पहचानने लगें हैं। तमाम आपके फैन्स हैं।

दिनेश मोहन – अभी हाल ही में मुझे Arc of Excellence in modelling and acting का अवॉर्ड मिला है। जिसे संदीप मारवाह जी और रजा मुराद जी ने मुझे दिया। हां अच्छा लगता है। जिंदगी आपको जितना उलझाती है और अगर आप उतने सुलझते जाते हैं तो बेहतर तो लगेगा ही। अभी हाल ही में एमेजॉन फैशन वीक के ओपनिंग शो में रैंप वॉक किया है। कभी कभी अकेले में सोचता हूं कि पहले मैं चल नहीं पाता था..बेड पर था और आज जब रैंप पर चलता हूं तो लोग तालियां बजाते हैं। कहा जाए तो मेरी यात्रा काफी इमोशनल रही है।

दिनेश मोहन

मधुरेंद्र पाण्डे – आपके आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में बताना चाहेंगे?

दिनेश मोहन – सोनी टीवी पर एक नया शो आने वाला है ‘ये प्यार नहीं तो क्या है’। इस सीरियल में मैं एक नेगेटिव कैरेक्टर प्ले कर रहा हूं। रात 11 बजे ये सीरियल आएगा। इसके अलावा एक शॉर्ट फिल्म थी मेरी द बेंच, उसके लिए मुझे नैनीताल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला है। इस फिल्म को भी बेस्ट फिल्म के अवॉर्ड ने नवाजा गया है। कुल मिलाकर सफर अच्छा है।

मधुरेंद्र पाण्डे – फिल्मों में भी आप आ रहे हैं। कौन सी फिल्म आपकी आने वाली है।

दिनेश मोहन – रिया कपूर की वीरे दी वेडिंग इस फिल्म में मेरा किरदार है। इस फिल्म में सोनम कपूर हैं, करीना कपूर हैं..स्वरा भास्कर हैं। जून में फिल्म रिलीज़ होनी है। बाकी देखते हैं आगे क्या होता है। हाल फिलहाल विधु विनोद चोपड़ा जी की बहन ने एक फिल्म के लिए एप्रोच किया है।

मधुरेंद्र पाण्डे – आप गुड़गांव में रहते हैं क्या आपको नहीं लगता कि अब आपको मुंबई शिफ्ट हो जाना चाहिए।

दिनेश मोहन – मुंबई में एक सीरियल के लिए बातचीत चल रही हैं।  प्रोजेक्ट लगभग फाइनल है। उसके बाद मुंबई शिफ्ट हो सकता हूं क्योंकि ये सीरियल मुंबई में शूट होना है। हलांकि दिल्ली में सोनी टीवी के सीरियल का शूट चल रहा है। तो मुझे लगता है कि मुझे दिल्ली मुंबई दोनों जगह पर ही आना जाना पड़ेगा।

मधुरेंद्र पाण्डे – कोई ऐसी चीज जो आपको बुरी लगती हो?

दिनेश मोहन – Age Shaming बुरी लगती है। क्योंकि आप ये देखिए कि अगला कैसा है। किस उम्र का है ये मायने नहीं लगता। मैं 60 का होने जा रहा हूं लेकिन जज्बा और जुनून मेरा 20-21 साल के लड़के जितना है। तो ये चीज़ मुझे अटपटी लगती है। आप कीजिए जो करना है लेकिन टर्म तो सही इस्तेमाल करना चाहिए।

मधुरेंद्र पाण्डे – लोग आपको इंसरिपेशनल पर्सनालिटी मानते हैं। कैसा लगता है आपको।

दिनेश मोहन – मैरे पैर जो हैं वो मिट्टी के हैं। मैं हकीकत में ज़िंदा रहना पसंद करता हूं। सबका आदर करना मेरी आदत है। लोग अगर मुझसे इंसपिरेशन लेते हैं तो ये सब ऊपर वाले की मेहरबानी है बाकी मैं क्या हूं कुछ भी नहीं।

मधुरेंद्र पाण्डे – कोई ऐसा शख्स जिसको आप कभी भूल नहीं सकते हैं?

दिनेश मोहन – हां एक है। संजीव नागर। ये भी एक्टर ही है। मेरे बेटे जैसा है और मेरा बहुत ख्याल रखता है। अच्छा मॉडल है, एक्टर है। मुझे अच्छा लगता है जब एक बच्चे की तरह मेरे साथ व्यवहार करता है। बाकी ज़िंदगी है तो मुश्किल है और मुश्किल कैसी भी हो उससे जीतना तो पड़ता ही है।

दिनेश मोहन

मधुरेंद्र पाण्डे – आपसे बात करते बहुत अच्छा लगा। आपकी ये स्टोरी उन लोगों के लिए मिसाल है जो हिम्मत हार कर बैठ जाते हैं। धन्यवाद।

दिनेश मोहन – धन्यवाद आपका भी।

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