गुलशन ग्रोवर | गरीबी में बेचना पड़ा था वॉशिंग पाउडर

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गुलशन ग्रोवर को कौन नहीं जानता है। बॉलीवुड के ऐसे खलनायक जिनके पर्दे पर आते ही सिनेमा हॉल में सीटियां बजने लगती थीं कि अब मज़ा आएगा।

लेकिन आपको बता दें कि बेहतरीन खलनायक तक के मकाम पर पहुंचने से पहले गुलशन ग्रोवर को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

बैडमैन के नाम से मशहूर एक्टर ने अपने जीवन में कई उतार चढ़ाव देखे हैं। सफलता की सीढ़ी चढ़ने के लिए गुलशन ने बचपन में कपड़े धोने का पाउडर तक बेचा है।

इसे बेचकर वे अपने स्कूल की फीस भरा करते थे और पढ़ाई का खर्च देखते थे। दरअसल, गुलशन से जुड़ी बातें उनके 64वें बर्थडे पर बता रहे हैं। उनका जन्म 21 सितंबर, 1955 को मुंबई में हुआ था।

गुलशन ग्रोवर के पास खाने के पैसे नहीं होते थे

गुलशन ग्रोवर ने कहा था कि उस दौरान उनके पास खाने के लिए भी पैसे नहीं हुआ करते थे। कई दिनों तक तो भूखा रहना पड़ता था। कॉलेज के दिनों में भी उनका यहरी रहा था और जब वे मुंबई एक्टिंग के लिए आए तो कई बार यहां भी भूखे ही रहे लेकिन एक्टर ने हिम्मत नहीं हारी।

इसके साथ ही गुलशन का मानना है कि वे पहले भारतीय एक्टर हैं, जिन्होंने हॉलीवुड फिल्मों में बहुत पहले ही अपनी किस्मत आजमाई थी। उनकी पहली हॉलीवुड फिल्म ‘द सेकंड जंगल बुक: मोगली एंड बल्लू’ थी। ये 1997 में रिलीज की हुई थी।

स्कूल की यूनिफॉर्म बस्ते में रखते थे

एक इंटरव्यू के दौरान गुलशन ग्रोवर ने बताया था कि वे सुबह से ही बस्ते में स्कूल की यूनिफॉर्म रखकर घर से निकल जाते थे और घर से दूर बड़ी-बड़ी कोठियों में बर्तन और कपड़े धोने वाला डिटर्जेंट पाउडर बेचा करते थे।

इस दौरान वे कभी डिटर्जेंट तो कभी फिनाइल की गोलियां, पोछे बेचकर पैसा कमाते थे। इससे वे स्कूल का खर्च निकालते थे। इसके साथ ही उन्होंने बताया था कि कोठियों में रहने वाले लोग भी उनका सामान खरीद लिया करते थे।

क्योंकि वो भी चाहते थे कि गुलशन अपनी आगे की पढ़ाई पूरी कर सके। वे अपनी गरीबी से कभी घबराए नहीं। इसकी वजह उनके पिता थे। एक्टर के पिता ने उन्हें ईमानदारी और मेहनत के रास्ते पर चलना सिखाया।

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