वरिना हुसैन ने कहा कि लोग मुझे आतंकियों के देश का बताते थे

वरिना हुसैन मुंबई आने से पहले वह दिल्ली में एक मॉडल थीं और अब उन्होंने ‘लवयात्री’ से फिल्मों में डेब्यू भी किया है। भारत आने से पहले वरिना अफगानिस्तान के काबुल को अपना घर कहती थीं। बाकी के अफगानियों की तरह वरिना हुसैन भी अच्छी तरह हिंदी समझती हैं।

वरिना हुसैन ने अपने देश के बारे में बताया, ‘मेरी नानी स्कर्ट पहन कर मेरे नाना के साथ बाइक पर घूमा करती थीं और म्यूजिक कॉन्सर्ट में भी जाती थीं। लेकिन बाद में सबकुछ बदल गया। एक समय भारत में लोग मुझसे कहते थे कि मैं आतंकियों वाले देश से आई हूं लेकिन अब चीजें बदलने लगी हैं। अब लड़कियां कॉलेज और यूनिवर्सिटी जाने लगी हैं। अभी अफगान हेल्थ मिनिस्टर एक महिला हैं। हालांकि अभी तक हमारा सिनेमा डिवेलप नहीं हुआ है लेकिन म्यूजिक इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है।

अपने देश में अफगानिस्तान में हिंदी फिल्मों के प्रभाव के बारे में उनका कहना है, ‘मैं अफगानिस्तान में कुछ समय के लिए गई थी। जब हम वहां थे तो मेरी मां उन गिनी चुनी औरतों में से थी जिन्होंने ड्राइविंग करना शुरू किया। मेरी नानी पुराने समय की कहानियां बताती थीं कि पहले अफगानिस्तान कैसा था। वह बताती थीं कि हर शुक्रवार को परिवार घर पर वीसीआर पर फिल्में देखा करते थे। हमारे यहां फैशन भी बॉलिवुड मूवीज से ही सीखा जाता था। आज भी लोग अफगानिस्तान में बेल बॉटम को अमिताभ बच्चन पैंट्स के नाम से जानते हैं।’

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