द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का ट्रेलर सेंसर बोर्ड से पास

द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का ट्रेलर रिलीज नहीं हो पा रहा था। सेंसर बोर्ड की सूत्रों की मानें तो ट्रेलर का कंटेंट बहुत ही आपत्तिजनक है और विधानसभा चुनावों के बीच अगर ये रिलीज होता तो मामला बिगड़ सकता था।

फिल्म होटल मिलन से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की क्लिपिंग हटवा देने वाले सेंसर बोर्ड ने एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का ट्रेलर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलती जुलती शक्लों वाले कलाकारों के साथ पास कर दिया है। ट्रेलर में इन कलाकारों के ऊपर स्क्रीन पर अलग से इनके नाम लिखकर लगाए गए हैं ताकि दर्शक गौर से इन चेहरों को पहचान लें।

फिल्म एक किताब पर बनी है, पर फिल्म में दिखाए गए चरित्रों से फिल्म निर्माताओं ने अभी तक कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल नहीं किया है। देश के कॉपीराइट कानूनों के मुताबिक किसी जीवित या मृत व्यक्ति की जीवनी पर फिल्म बनाने से पहले उससे या उसके संबंधियों से अनुमति लेना जरूरी है। फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर इसी नाम की एक किताब पर आधारित है।

फिल्म के निर्देशक विजय रत्नाकर गुट्टे जीएसटी फ्रॉड के एक बड़े मामले में गिरफ्तारी झेल चुके हैं। फिल्म के तमाम प्रोड्यूसर्स में से एक सुनील बोरा पर भी धोखाधड़ी के मामले देश की अलग अलग अदालतों में चलते रहे हैं। फिल्म के एक और प्रोड्यूसर अशोक पंडित हैं। अशोक पंडित अक्सर टीवी चैनलों पर भगवा ब्रिगेड का समर्थन करते नजर आते हैं।

मामले की असली अटकन यहीं से शुरू होती है। सेंसर बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पहलाज निहलानी ने फिल्म के पोस्टर या ट्रेलर को सेंसर करने से पहले इसके लिए फिल्म में दिखाए गए किरदारों से उनका अनापत्ति प्रमाण पत्र लाने की बात सार्वजिनक रूप से फिल्म निर्माताओं से कही थी। फिर सेंसर बोर्ड का निजाम बदला। सूत्र बताते हैं कि नए सेंसर बोर्ड चीफ प्रसून जोशी ने एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का जो ट्रेलर पास कर दिया है वह सियासी तौर से बड़ा हंगामा खड़ा कर सकता है।

मनोरंजन की ताज़ातरीन खबरों के लिए Gossipganj के साथ जुड़ें रहें और इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमें Twitter पर लेटेस्ट अपडेट के लिए फॉलो करें।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like