सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावती मामले पर बयानबाज़ी कर रहे मंत्रियों को चेताया

सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावती मामले पर बयानबाज़ी कर रहे मंत्रियों को चेताया , सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘पद्मावती’ पर आधिकारिक पदों पर बैठे लोगों की टिप्पणियों को लेकर आपत्ति जताई। न्यायालय ने कहा कि यह कानून का उल्लंघन है। न्यायालय ने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग फिल्म पर टिप्पणी न करें, क्योंकि इसका सेंसर बोर्ड पर प्रतिकूल प्रभाव हो सकता है।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड की पीठ ने कहा, “हम कानून के शासन से शासित हैं।” पीठ ने कहा, “जब केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के समक्ष मामला लंबित हो तो किसी जिम्मेदार पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति को कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह कानून के शासन के सिद्धांत का उल्लंघन होगा।”

न्यायालय ने वकील मनोहर लाल शर्मा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें फिल्म ‘पद्मावती’ की विदेश में रिलीज पर आपत्ति जताई गई थी। शर्मा की याचिका पर आपत्ति जताते हुए अदालत ने कहा कि यह अवांछित है।

बात दें, वरिष्ठ फिल्म अभिनेत्री सुभाषिनी अली को संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर चल रहे विरोध के पीछे राजनीतिक साजिश की बू नजर आ रही है। सुभाषिनी अली ने कहा, “अभी फिल्म रिलीज नहीं हुई है और उस पर विवाद शुरू हो गए हैं। यह विवाद यूं ही नहीं है, यह राजनीतिक साजिश के तहत पैदा किए गए हैं। इससे देश के माहौल पर बुरा असर पड़ रहा है।”

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