श्रीदेवी का दुबई में निधन, 54 वर्ष की अभिनेत्री को पड़ा था दिल का दौरा

बॉलीवुड सहित सारा देश सदमे में

श्रीदेवी का दुबई में निधन, 54 वर्ष की अभिनेत्री को पड़ा था दिल का दौरा, बॉलीवुड की मशहूर अदाकार पद्मश्री का 55 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।

वह शादी समारोह में शिरकत करने दुबई गई थीं जहां कार्डियक अरेस्ट की वजह से अचानक दुनिया छोड़कर चली गईं। शनिवार आधी रात के बाद फिल्म इंडस्ट्री को जब इस दुखद खबर का पता चला तो शोक की लहर दौड़ गई।

अपने शानदार अभिनय से सिनेमाप्रेमियों के दिलों पर राज करनेवाली बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी हमारे बीच नहीं रहीं। श्रीदेवी दुबई में थीं जहां उनकी हृदय-गति रुक जाने (कार्डिएक अरेस्ट) की वजह से उनका अचानक निधन हो गया।

श्रीदेवी 55 वर्ष की थीं। उन्हें हिंदी फिल्मों की पहली फीमेल सुपरस्टार भी कहा जाता है। साल 2013 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्रीदेवी के निधन पर दुख जताया है।

वह बोनी कपूर के भांजे मोहित मारवाह की शादी में शामिल होने के लिए परिवार समेत दुबई में थीं। बताया जा रहा है कि उनका पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे तक मुंबई लाया जा सकता है।

उनके पति बोनी कपूर के छोटे भाई और अभिनेता संजय कपूर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि घटना रात 11-11.30 बजे की है। संजय कपूर ने बताया कि वह भी दुबई में ही थे और थोड़ी देर पहले भारत लौटे ही थे कि यह खबर आ गई। अब वह फिर से दुबई जा रहे हैं।

दरअसल, श्रीदेवी अपने पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी के साथ मोहित मारवाह के शादी समारोह में शिरकत करने दुबई गई थीं। उनके निधन की खबर सुनकर लोग मुंबई में उनके घर के पास जमा हो रहे हैं। उनकी बड़ी बेटी जाह्नवी यहीं हैं। वह शूटिंग की व्यस्तताओं की वजह से परिवार के साथ दुबई नहीं जा सकी थीं।

श्री देवी ने बॉलीवुड में बतौर मुख्य कलाकार अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘सोलवां सावन’ से की थी। यह फिल्म 1979 में रिलीज हुई थी।

साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म ‘जुदाई’ के बाद श्रीदेवी ने फिल्मों से किनारा कर लिया था। इसके बाद साल 2012 में श्री देवी ने गौरी शिंदे द्वारा निर्देशित फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ से बॉलीवुड में कमबैक किआ था। श्री देवी को आखिरी बार फिल्म ‘मॉम’ में देखा गया था।

श्री देवी ने साल 1963 में तमिलनाडु में जन्म लिया था। श्रीदेवी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत महज चार साल की उम्र में ही कर दी थी। तमिल फिल्म ‘कंधन करुणई’ के जरिए उन्होंने पहली दफा अभिनय किया।

चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर श्रीदेवी ने तेलुगू और मलयालम फिल्मों में भी काम किया था। हिंदी सिनेमा का में 80 का दशक श्रीदेवी के ही नाम रहा। इस दशक को श्रीदेवी का दशक तक कहा गया। ‘हिम्मतवाला’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘नगीना’ और ‘चांदनी’ के रुप में श्रीदेवी ने हिंदी सिनेमा को यादगार फिल्में दी है।

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