शाहिद माल्या ने ली पंजाबी फिल्म में एंट्री

मुंबई : गीत-संगीत एक तरह से किसी भी फ़िल्म की नींव हैं, जिसपर हिट के रूप में एक सुंदर और मज़बूत फ़िल्म रूपी इमारत खड़ी होती है। कई निर्माता हैं जो गीत-संगीत के मामले में कोई समझौता नहीं करते जिसके लिए वे संगीत से जुड़ी अच्छी टीम की तलाश में रहते हैं। निर्माता दुर्गा प्रसाद के बारे में भी ऐसा ही कहेंगे जो दुर्गा आर्ट्स के बैनर तले पंजाबी फिल्म “वैर मेले दा” का निर्माण कर रहे हैं। राकेश जग्गी द्वारा निर्देशित की जाने वाली फिल्म के लिए कलाकारों का चयन जारी है। फिल्म के 6 गीत रिकॉर्ड कर लिए गए हैं।

राज सेन द्वारा संगीत से सजे गए इन 6 गीतों की खास बात यह है कि सभी के लिए शाहिद माल्या ने आवाज दी है। एक गीत ढोलिया….में शाहिद के साथ जसपिंदर नरूला हैं। फिल्म का एक गीत शाहिद माल्या की आवाज़ में पिछले दिनों रिकॉर्ड किया गया और इसके बोल हैं….चन तो वी सोना तेरा तिल ओहदे गल दा नखरा वी ओहदा तीर वांग चलदा।

निर्माता दुर्गा प्रसाद गीत की रिकॉर्डिंग के दौरान काफी खुश थे क्योंकि कोरोना महामारी की वजह से गीत बाद की रिकॉर्डिंग में बाधाएं आ गई थी और अब 1 साल के अंतराल के बाद निर्माता फिल्म को लेकर फिर से सक्रिय हो गए हैं। फिल्म के सभी गीत शाहिद माल्या से गवाने के बारे में दुर्गा प्रसाद कहते हैं कि फिल्म की कहानी दो गांव के बीच की रंजिश और युवा प्रेमी जोड़ी पर आधारित है।

शाहिद माल्या नौजवान हैं इसलिए उनकी आवाज में ताज़गी है। और यह फिल्म नायक के लिए ही सही रहेगी। जब शाहिद माल्या की आवाज़ में पहला गीत रिकॉर्ड किया जा रहा था तब उनकी रेंज से प्रभाव होकर यह निर्णय लिया गया कि सभी गीत वे ही गाएंगे। जिस फिल्म के हीरो पर एक ही गायक के आवाज़ वाले गीत हों तो यह फ़िल्म के लिए भी सही है।

शाहिद माल्या के लिए पहला मौका है जब वो पंजाबी फिल्म के लिए गा रहे हैं और उन्होंने सोचा भी नहीं था कि एक साथ 6 गीत गाकर वो पंजाबी फिल्म संगीत में एंट्री लेंगे। एंट्री तो धमाकेदार हो गई,  उम्मीद है कि आगे भी सफर धमाकेदार रहेगा।

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