साधना जिनकी हेयर स्टाइल ने एक नया ट्रेंड शुरु कर दिया ‘साधना कट’

जन्मदिन विशेष

साधना का आज जन्मदिन है। 60 और 70 के दशक में एक्ट्रेस साधना हिंदी सिनेमा का एक जाना पहचाना नाम थीं। उस दौर में साधना का हेयर स्टाइल इतना फेमस हुआ था कि उसका नाम ही ‘साधना कट’ पड़ गया था। साधना ने महज 14 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था।

साधना का आज जन्मदिन है। 60 और 70 के दशक में एक्ट्रेस साधना हिंदी सिनेमा का एक जाना पहचाना नाम थीं।

उस दौर में साधना का हेयर स्टाइल इतना फेमस हुआ था कि उसका नाम ही ‘साधना कट’ पड़ गया था। इन्होंने 14 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था।

राज कपूर की फिल्म ‘श्री 420’ में एक गाना मुड़-मुड़ के न देख के कोरस में साधना थीं। इसके बाद उन्होंने 16 साल की उम्र में सिंधी फिल्म ‘अबाना’ में लीड रोल में काम किया।

इस फिल्म के लिए उन्हें केवल एक रुपये का टोकन अमाउंट मिला था। इस फिल्म के बाद एक मैग्जीन में एक्ट्रेस की तस्वीर छपी।

तब के मशहूर प्रोड्यूसर सशाधर मुखर्जी ने वो तस्वीर देखी और इनको पहला मौका अपनी फिल्म ‘लव इन शिमला’ में दिया।

फिल्म के डायेक्टर आरके नैय्यर को साधना का चेहरा थोड़ा अजीब लग रहा था। नैय्यर को साधना का माथा बहुत बड़ा लगा।

उन्होंने हॉलीवुड एक्ट्रेस ऑडी हेपबर्न की तरह साधना का हेयर स्टाइल करवा दिया और माथा छुपाने के लिए आगे के बालों को माथे पर बिखेर दिया।

बाद में साधना की यही हेयरस्टाइल उनकी पहचान बन गई। इन्होंने अपनी ज्यादातर फिल्मों के डायरेक्टर आरके नैय्यर से प्यार हो जाने के बाद मार्च 1966 में शादी कर ली।

साधना को ‘मेरा साया’, ‘आरजू’, ‘एक फूल दो माली’, ‘लव इन शिमला’, ‘वक्त’ और ‘वो कौन थी’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है।

इनके माता-पिता इस शादी के खिलाफ थे क्योंकि नैय्यर उनसे उम्र में काफी बड़े थे। दोनों के कोई संतान नहीं थीं।

शादी के बाद साधना ने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया था। वो बड़ी उम्र के किरदार परदे पर नहीं निभाना चाहती थीं।

वो चाहती थीं कि लोग हमेशा उनकी खूबसूरती को याद रखें। साधना लक्स साबुन की शुरुआती मॉडल थीं।

ये अपने जमाने में सबसे ज्यादा मेहनताना पाने वाली एक्ट्रेस थीं। 60 के दशक में उनके बराबर मेहनताना केवल वैजयंती माला को दिया जाता था जबकि दूसरे नंबर पर एक्ट्रेस नंदा थीं।

1995 में पति के निधन के बाद वो अकेले रह गई थीं। आखिरी दिनों में वो मुंबई के एक पुराने बंगले में किराये पर रहती थीं। यह बंगला आशा भोंसले का था।

इन्हें थायरॉइड की बीमारी हो गई थीं। जिससे उनकी आंखों पर भी असर पड़ने लग गया था। अपने अंतिम दिनों में भी गुमनामी जैसी जिंदगी में ही रहीं।

उनका कोई अपना करीबी नहीं था और गिरती सेहत व बाकी कानूनी कामों को संभाल नहीं पा रही थीं। आखिरकार 25 दिसंबर 2015 को मुंबई में इनका निधन हो गया।

मनोरंजन की ताज़ातरीन खबरों के लिए Gossipganj के साथ जुड़ें रहें और इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमें twitter पर लेटेस्ट अपडेट के लिए फॉलो करें।

You might also like