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फिल्म रिव्यू

ट्यूबलाइट देख कर पता नहीं चलता कि फिल्म भारत के लिए बनाई गई है या चीन के लिए

ट्यूबलाइट देख कर पता नहीं चलता कि फिल्म भारत के लिए बनाई गई है या चीन के लिए , ट्यूबलाइट बजरंगी भाईजान और दंगल से कमतर लगती है। फिल्म की कहानी सीन दर सीन लिटिल बॉय से साफ प्रभावित है। लिटिल बॉय में अमेरिकी सैनिक जापान जंग में जाता है और…

‘फुल्लू’ एक ऐसी फिल्म जिसमें मैसेज तो है लेकिन….फुस्स हो जाने की संभावना ज्यादा है

‘फुल्लू’ एक ऐसी फिल्म जिसमें मैसेज तो है लेकिन....फुस्स हो जाने की संभावना ज्यादा है , सीमित साधनों और बजट की अभिषेक सक्‍सेना निर्देशित ‘फुल्लू’ आरंभिक चमक के बाद क्रिएटिविटी में भी सीमित रह गई है। नेक इरादे से बनाई गई इस फिल्‍म में घटनाएं…

‘बैंक चोर’ देखने लायक तो है लेकिन इतनी भी नहीं कि….

'बैंक चोर' देखने लायक तो है लेकिन इतनी भी नहीं कि.... , बॉलीवुड फिल्म  'बैंक चोर' आज रिलीज हो चुकी है। इसमें रितेश देशमुख और विवेक ओबेरॉय की अहम भूमिका है। फिल्म की कहानी चंपक (रितेश देशमुख) और उसके दो साथियों गेंदा और गुलाब के इर्द-गिर्द…

मनीषा कोइराला की बेहतरीन अदाकारी देखनी हो तो देखें डियर माया

मनीषा कोइराला की बेहतरीन अदाकारी देखनी हो तो देखें डियर माया , बॉलीवुड की खूबसूरत मोहतरमा अभिनेत्री मनीषा कोइराला जो के काफी लंबे समय के बाद तथा कैंसर पर अपनी जंग जीत के एक बार फिर से फिल्मो में लौट आई है तथा आज उनके दमदार अभिनय से सजी…

‘दोबारा’ को एक बार भी देखेंगे तो हुमा कुरैशी के कायल हो जाएंगे

'दोबारा' को एक बार भी देखेंगे तो हुमा कुरैशी के कायल हो जाएंगे , खूबसूरत हुमा कुरैशी व उनके भाई साकिब सलीम के दमदार अभिनय से सजी फिल्म 'दोबारा' भी रिलीज हो गई है। बता दे कि, हुमा कि यह जो फिल्म है वह एक प्रकार से माँ-बाप की मृत्यु का…

हाफ गर्लफ्रेंड बेहतरीन रोमांटिक ड्रामा, थोड़ी सी हिन्दी मीडियम के नज़दीक

हाफ गर्लफ्रेंड बेहतरीन रोमांटिक ड्रामा, थोड़ी सी हिन्दी मीडियम के नज़दीक , चेतन भगत के नॉवेल पर आधारित फिल्म हाफ गर्लफ्रेंड एक रोमांटिक ड्रामा है जिसमें अर्जुन कपूर और श्रद्धा कपूर के प्यार भरे एहसास को दिखाया गया है। फिल्म में अर्जुन माधव…

‘हिंदी मीडियम’ ऐसी फिल्म जिसका दर्द अंग्रेज़ी मीडियम वाले नहीं समझ सकते

‘हिंदी मीडियम’ ऐसी फिल्म जिसका दर्द अंग्रेज़ी मीडियम वाले नहीं समझ सकते , साकेत चौधरी निर्देशित ‘हिंदी मीडियम’ एक अनिवार्य फिल्‍म है। मध्‍यवर्ग की विसंगतियों को छूती इस फिल्‍म के विषय से सभी वाकिफ हैं, लेकिन कोई इस पर बातें नहीं करता।…

‘स्पिन ऑफ’ की यह अनोखी कोशिश नाम शबाना

‘स्पिन ऑफ’ की यह अनोखी कोशिश नाम शबाना  , नीरज पांडेय निर्देशित ‘बेबी’ में शबाना (तापसी पन्‍नू) ने चंद दृश्‍यों में ही अपनी छोटी भूमिका से सभी को प्रभावित किया था। तब ऐसा लगा था कि नीरज पांडेय फिल्‍म को चुस्‍त रखने के चक्‍कर में शबाना के…

‘अनारकली ऑफ आरा’ से नहीं मिले तो समझिए कुछ नहीं देखा

'अनारकली ऑफ आरा' से नहीं मिले तो समझिए कुछ नहीं देखा , 21 वीं सदी में आज भी बहू, बेटियां और बहन घरेलू हिंसा, बलात संभोग व एसिड एटैक के घने काले साये में जीने को मजबूर हैं। घर की चारदीवारी हो या स्कूल-कॉलेज व दफ्तर चहुंओर ‘मर्दों’ की बेकाबू…

बेहद धीमी फिल्म है फिल्लौरी, नहीं मिल रहे हैं दर्शक

बेहद धीमी फिल्म है फिल्लौरी, नहीं मिल रहे हैं दर्शक , 'फिल्लौरी' का स्वागत वैसा नहीं रहा है, जैसी उम्मीद थी। शुक्रवार को इसके शुरूआती शो ज्यादा नहीं भर पाए। 20 फीसद क्षमता पर कई मल्टीप्लेक्सों में शो शुरू हुए। दिक्कत यह है कि फिल्म को…

लीक से हट कर है ट्रैप्ड, सस्पेंस के साथ-साथ भरपूर ड्रामा लेकिन फिर भी बोझिल

लीक से हट कर है ट्रैप्ड, सस्पेंस के साथ-साथ भरपूर ड्रामा लेकिन फिर भी बोझिल , हिंदी फिल्‍मों की एकरूपता और मेनस्‍ट्रीम मसाला फिल्‍मों के मनोरंजन से उकता चुके दर्शकों के लिए विक्रमादित्‍य मोटवाणी की ‘ट्रैप्‍ड’ राहत है। हिंदी फिल्‍मों की लीक…