रेसिडेंट्स और ट्रेडर्स की मांग, फिल्म पहाड़गंज पर लगे प्रतिबंध

पहाड़गंज: भारत का छोटा एम्स्टर्डम का ट्रेलर बहुत उम्मीदों के बीच रिलीज़ हुआ हैं। ट्रेलर को लाखो की तादाद में प्रतिक्रियाये मिली है, और बहुत सारे लोगो ने उसे पसंद किया हैं। हालांकि, पहाड़गंज के निवासियों ने कहा कि फिल्म पहाड़गंज को नकारात्मक रोशनी में दर्शाती है और इसके रिलीज होने पर रोक लगनी चाहिए।

फिल्म का उद्देश्य दर्शकों को काल्पनिक पात्रों और घटनाओं से अवगत कराना है। हालाँकि, पूरा मामला तब बिगड़ा जब रेजिडेंट्स वेलफ़ेयर एसोसिएशन ऑफ़ पहाड़गंज ने फिल्म के प्रोडक्शन हाउस सेन (SENN) प्रोडक्शंस को कानूनी नोटिस भेजा और पहाड़गंज में विरोध प्रदर्शन किया।

RWA ने फिल्म की रिलीज़ पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया क्योंकि इससे उनके लिए अपूरणीय क्षति और चोट लगने की संभावना है। उन्होंने निर्माता से फिल्म से पहाड़गंज इलाके के सभी संदर्भों को हटाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा “हमारी मांग के अनुसार” जब तक फिल्म का टाइटल नहीं बदला जायेगा, यह फिल्म रिलीज़ नहीं होगी।

प्रोटेस्ट के दोरान, (RWA) आर डब्ल्यू ए ने कहा कि फिल्म स्थानीयता और उसके निवासियों को व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों नुकसान पहुंचाएगी। उन्होंने चिंता व्यक्त की हैं कि फिल्म का टीज़र हत्या, नशीली दवाओं के सौदे, और इलाके में अन्य अवैध गतिविधियों को प्रदर्शित करके स्थान की लोकप्रियता को बदनाम कर रहा है। ट्रेडर एसोसिएशन के साथ आरडब्ल्यूए और निवासियों ने फिल्म के पोस्टर के अलावा निर्देशक के पुतले को भी जलाया।

पहाड़गंज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा, “हमने फिल्म के ट्रेलर और क्लिपिंग को देखा जो स्पष्ट रूप से बदमानी कर रहे हैं, और पहाड़गंज क्षेत्र को भारत को छोटे एम्स्टर्डम के रूप में दर्शा रहा हैं। दुनिया भर से लोग और पर्यटक खरीदारी के लिए पहाड़गंज आते हैं और यहां स्थित होटलों में रुकते हैं।

खरीदारी और व्यापार के अलावा,  यह जगह एक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन भी हैं, और फिल्म का टाइटल इस जगह के नाम पर रखा गया हैं, जिसके चलते लोग यहां आने से डरेंगे और हमारे निवासियों के लिए भी मुद्दे पैदा होगे। इसीलिए, फिल्म के रिलीज़ से पहले इसका टाइटल बदला जाए और हमें रिलीज़ से पहले दिखाया जाए।”

अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) के महासचिव देवराज भवेजा ने कहा, “लोगों को फिल्म से कोई समस्या नहीं है; हमारी मांग फिल्म का नाम बदलने की है। अन्यथा, हमारा विरोध जारी रहेगा और हम फिल्म की रिलीज के खिलाफ विरोध करेंगे और जरूरत पड़ने पर अदालत का रुख भी करेंगे।”

हालांकि, फिल्म के निर्माता ने सभी बुरी नियत से जगह को बदनाम करने की बात को सिरे से नकारा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी घटनाएं काल्पनिक हैं और केवल दोहराई जाने वाली समाचार कहानियों पर आधारित हैं जो विभिन्न प्लेटफार्मों पर मीडिया में प्रस्तुत की जाती हैं।

पेशेवर पहलू के अलावा, निर्माता, प्रकाश भगत ने व्यक्त किया कि इलाके के लोग बहुत ही मिलनसार और वेल्कॉमिंग हैं, और क्षेत्र में फिल्म की शूटिंग के दौरान पूरी टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया गया था।

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