रिया चक्रवर्ती और शौविक चक्रवर्ती की नज़र थी सुंशांत की कंपनी पर

रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के खिलाफ सुशांत सिंह राजपूत केस में प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कसता जा रहा है। ईडी सुशांत सिंह राजपूत की उन 4 कंपनियों की तह तक पहुंचना चाहती है, जिसमें रिया, शोविक और उनके पिता के करोड़ों के कारोबार की कड़ियां जुड़ी हैं।

सूत्रों के मुताबिक, सुशांत सिंह राजपूत ने अपनी 4 कंपनियों में से 2 के पेटेंट कराए थे। पेटेंट कराना यानी कि जो भी प्रोडक्ट आपने इन्वेंट किया है वो आजतक मौजूद नहीं था। ऐसे प्रोडक्ट पर आपका लीगल कॉपीराइट होता है और भविष्य में कोई भी उसी तरह का प्रोडक्ट बनाए तो उसे आपसे कोलैबोरैट करना पड़ता है। पेटेंट की गई चीज का कॉपीराइट होने के चलते ही उस चीज की कीमत कई करोड़ रुपयों में होती है।

रिया चक्रवर्ती और उसका भाई शौविक चक्रवर्ती डायरेक्टर

सुशांत सिंह राजपूत की ऐसे ही पेटेंट की गई कंपनी में रिया चक्रवर्ती और शौविक डायरेक्टर थे। इस कंपनी का नाम है विविड्रेज रियलिटीएक्स प्राइवेट लिमिटेड। सुशांत ने स्टार्टअप के तहत इस कंपनी को सितंबर 2019 में रजिस्टर्ड करवाया था।

ये एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित गेमिंग कंपनी थी, जिसके पेंटट के लीगल राइट्स रिया चक्रवर्ती, शौविक चक्रवर्ती और सुशांत के थे। यानी अगर पेटेंट को बेचा जाए तो करोड़ों की कमाई की जा सकती है। ऐसे में सुशांत की आत्महत्या के बाद इस पर लीगल राइट्स रिया और शौविक का है, जो कि बाकी बचे डायरेक्टर हैं।

सूत्रों के मुताबिक ये पूरा मामला संदेहास्पद है। दरअसल इस कंपनी को सुशांत ने शुरू किया था, लेकिन इस कंपनी पर मालिकाना हक और दस्तख़त शौविक चक्रबर्ती के चलते थे।

शौविक चक्रवर्ती ने धोखे से लियां कंपनी की ऑडिट का जिम्मा

एक वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक सुशांत की स्टार्टअप कम्पनी विविड्रेज रियलिटीएक्स प्राइवेट लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायेक्टर की मीटिंग में रेजोल्यूशन पास कर कम्पनी के ऑडिट का जिम्मा रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक ने अपने पास ले लिया।

गौरतलब है कि ये वही वक्त था जब सुशांत सिंह राजपूत डिप्रेशन में जा चुके थे। ऐसे में कम्पनी के पेंटेट राइट्स को लेकर ईडी का शक गहराया गया है।

जहां कंपनी रजिस्टर वहां कोई नहीं रहता

वहीं दूसरी तरफ इस कंपनी का पता नवी मुंबई के जिस फ्लैट का है, उस पर रिया चक्रवर्ती के पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती का नाम लगा हुआ है। यहां पर न तो कोई स्टार्ट अप कंपनी है, न ही दफ्तर और न ही कोई इस फ्लैट पर रहता है।

ऐसे में शक है कि कहीं सुशांत की खराब मानसिक हालात का फायदा उठाते हुए सेल कम्पनियों को बनाकर करोड़ों का फर्जीवाड़ा तो नहीं किया गया। ईडी इसी मामले में इंद्रजीत चक्रवर्ती से पूछताछ करने की तैयारी में है। इस मामले में कंपनी के ऑडिटर चार्टेड अकाउंटेंट संदीप श्रीधर का बयान ईडी ने दर्ज किया है।

इसके अलावा शौविक चक्रवर्ती फ्रंट इंडिया वर्ल्ड पाउंडेशन नाम की कंपनी में भी सुशांत सिंह राजपूत के साथ डायरेक्टर थे। ये कंपनी भूखे और गरीब तबके के लोगों के लिए काम करती है। ये एक नॉन प्रोफिटेबल ऑर्गनाइजेशन था, जिसमें शौविक की भूमिका को लेकर भी ईडी का शक गहराया हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक इसके साथ ही ईडी सुशांत की दूसरी रजिस्टर्ड की गई कंपनी इंसेई वेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पैसे के जांच भी शुरू की है। ये कम्पनी भी वर्चुअल गेमिंग से जुड़ी है। इस कंपनी में सुशांत के दो दोस्त सौरभ मिश्रा और वरुण माथुर डायरेक्टर हैं। ईडी अब इस मामले में वरुण और सौरभ इन दोनों से पूछताछ करेगी।

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