संजय लीला भंसाली संसदीय समिति के सामने हुए पेश, समिति ने दागे सवाल

संजय लीला भंसाली संसदीय समिति के सामने हुए पेश, समिति ने दागे सवाल, पद्मावती विवाद को सुलझाने के लिए लोकसभा की संसदीय समिति के सामने आए निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली को कड़ी फ़टकार लगी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक दो बीजेपी सदस्य और एक शिवसेना सदस्य फिल्म के खिलाफ हैं, जबकि कुछ सदस्य फिल्म का ट्रेलर रिलीज करने के खिलाफ नजर आए। समिति के सदस्यों ने ब्रिटेन में फिल्म का सर्टिफिकेट लेने पर भी सवाल उठाए। 30 सदस्यीय इस कमेटी में परेश रावल और राज बब्बर जैसे सांसद भी शामिल थे।

इस समिति की बैठक में मौजूद सीबीएफसी चीफ प्रसून जोशी ने कहा कि उन्होंने अब तक फिल्म नहीं देखी है। पहले इसी सप्ताह रिलीज होने वाली फिल्म पद्मावती विरोध और विवाद की वजह से टाल दी गई थी। इस मामले पर बातचीत के लिए जुटे संसद सदस्य और फिल्मकार संजय लीला भंसाली के सामने समिति के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि भंसाली और जोशी को पैनल के सामने प्रस्तुत होने के लिए कहा गया था।

अनुराग ने यहां तक कहा कि आखिर एक फिल्म को लेकर इतना बड़ा विवाद क्यों हुआ? अनुराग ने सवाल भी उठाया कि जब सीबीएफ़सी ने कोई निर्णय नहीं लिया तो ये परिस्थितियां क्यों सामने आईं? इसी वजह से समिति की मीटिंग बुलाई गई है। फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग क्यों की गई?

समिति के सदस्यों ने भंसाली पर कई सवाल उठाए हैं। भंसाली ने इस मामले में सफ़ाई देते हुए अपना पक्ष समिति के सामने रखा है। बतौर भंसाली उनकी फ़िल्म कविता पर आधारित है ना कि ऐतिहासिक तथ्यों पर। भंसाली के मुताबिक फ़िल्म के बारे में चल रही अफ़वाहों को आधार बनाकर एक बड़ा वर्ग उनकी फ़िल्म का विरोध कर रहा है, जबकि भंसाली के अनुसार उन्होनें तथ्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं की है।

दरअसल लंबे समय से राजपूत समुदाय में इस बात को लेकर रोष है कि फ़िल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच एक प्रेम प्रसंग का दृश्य है और भंसाली इस बात को शुरु से नकारते आ रहे हैं।

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