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बड़े गुलाम अली ने जब एक गाने के लिए के आसिफ से मांग लिए थे 40 हज़ार रुपये

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बड़े गुलाम अली ने जब एक गाने के लिए के आसिफ से मांग लिए थे 40 हज़ार रुपये, बॉलीवुड सिनेमा 100 साल से ज्‍यादा का हो चुका है। सिनेमा के इन 100 सालों में यहां एक से एक महान गायक हुए हैं जिनके गाने आज भी लोगों की जुबां पर रहते हैं। आज हम बात कर रहे हैं उस दौर के सबसे महंगे गायक की, जिसकी फीस देना हर फिल्ममेकर के बस में नहीं होता था। उनका नाम है बड़े गुलाम अली। प्रसिद्धि के शिखर पर पहुंचने के बाद भी बड़े गुलाम अली फिल्मों से दूर ही रहते थे। उस जमाने के लिए कई नामचीन फिल्म उनके अपनी फिल्म के लिए गाना गवाना चाहते थे, लेकिन वह गजल को ही नए आयाम देने में लगे थे। बॉलीवुड के सभी सिंगर्स उनकी इज्जात करते थे और उनसे मिलते मिलाते थे।

इन फनकारों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। किसी की आवाज इतनी सुरीली कि शहद की मिठास भी फीकी लगे, किसी की आवाज में इतनी खनक कि हर साज अधूरा लगे और किसी का स्‍टारडम इतना कि उसी चमक के आगे अभिनेता भी फीके लगें। आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस दौर में लता मंगेशकर और मोहम्‍मद रफी जैसे गायक 1 हजार रुपये फीस लेते थे, उस दौर में उस्‍ताद गुलाम अली ने एक गाने के लिए 40 हजार रुपये की डिमांड रख दी थी। दरअसल, ये घटना 50 के दशक की है। उस वक्‍त के 40 हजार रुपये आज के कई लाख रुपये के बराबर हैं।

फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ की शूटिंग के वक्‍त डायरेक्‍टर के आसिफ बड़े गुलाम अली साहब से इस फिल्म में एक गाना गवाना चाहते थे। बड़े गुलाम अली साहब गजलों में व्‍यस्‍त थे और उनसे गवाना कोई हंसी खेल तो था नहीं। जब के आसिफ ने उनसे कहा तो उन्‍होंने मना कर दिया। के आसिफ भी जिद के पक्‍के थे और वो बड़े गुलाम अली साहब को मनाते रहे। तब गुलाम अली साहब ने सोचा कि ये ऐसे तो मानेगा नहीं, इसलिए उन्‍होंने सोचा कि गाने के लिए ऐसी रकम बता दी जाए जो ये दे ही ना पाए। गुलाम अली साहब ने तब कहा कि मैं 40 हजार रुपये लूंगा।

तब के आसिफ ने कहा कि मुझे लगा था आप और अधिक रकम मांगेंगे। आपके हुनर बेशकीमती है और उन्होंने गुलाम अली साहब को 10000 रुपये अडवांस दे दिए। आखिरकार गुलाम अली साहब ने 25000 रुपये में मुगले आजम  के लिए गाना गाया जो काफी पॉपुलर हुआ। गाने के बोल थे ‘प्रेम जोगन बन के’। के आसिफ वैसे भी समझौते वाले फिल्मकारों में नहीं गिने जाते। वो जो ठान लेते थे वो करके दिखाते थे। हलांकि कभी कभी कुछ लोगों को बुरा ज़रूर लगता था लेकिन के आसिफ कला के सच्चे दीवाने के तौर पर जाने जाते हैं।

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