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किशोर कुमार ने जब अपने दरवाजे पर लिखवाया ‘किशोर से सावधान रहें’!

किशोर कुमार के अंन्दर शुरु  ही एक शरारती इंसान छिपा हुआ था जब भी मौका मिलता वह शरारत करने में पीछे नहीं हटते थे। एक बार की बात है जब किशोर कुमार के बंगले का काम चल रहा था तब कुछ दिनों के लिए वह अपने वार्डन रोड वाले फ्लैट पर रह रहे थे , फ्लैट के दरवाजे पर उन्होनें एक संकेत लगा दिया “किशोर से सावधान रहें”, तभी वहां निर्माता – निर्देशक एचएस रावल उन्हे कुछ पैसे देनें आए । किशोर कुमार को पैसे देकर रावल नें जैसे ही उनसे हाथ मिलाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया किशोर ने उनके ही हाथ से उनके मुंह पर मारकर जोर से हंसते हुए कहा आपने दरवाजे पर संकेत पढ़ा नहीं क्या कि “किशोर से सावधान रहें”।

किशोर कुमार भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेताओं में से एक थे। उनकी आवाज़ के जा़दू ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक अलग ही पहचान दिलाई थी। वह हिंदी गाने के साथ साथ मराठी, असमी ,गुजराती आदि गानों के भी उस्ताद थे। किशोर कुमार ने सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक  के लिए आठ बार फि़ल्मफेयर पुरस्कार जीता और उस श्रेणी में सबसे ज्यादा फि़ल्मफेयर अवार्ड जीतने का रिकार्ड बनाया।

किशोर कुमार के गाने की शुरुआत उनके कॉलेज  के समय से ही हो गई थी, वह इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज में पढ़ते थे जहां उनकों कॉलेज के कैंटीन से उधार लेकर खाने की आदत थी। वह खुद तो उधार खाते ही थे साथ-साथ दोस्तों को भी उधार खिलाते थे। जब कैंटीन में उनके ऊपर पांच रुपये बारह आना का उधार हो जाता और कैंटीन का मालिक उनको उधार चुकाने को कहता तो वह मालिक की बात अनसुनी कर ग्लास चम्मच लेकर पांच रुपईया बारह आनें की धुन बनाने लगते ऐसा कहा जाता है कि किशोर कुमार जब मुम्बई पहुंचे तो उन्होनें इसी घटना को याद कर फिल्म ” चलती की नाम गाड़ी” में बहुत ही खूबसूरती से पांच रुपईया बारह आने को एक गाने की रुप दिया जो उस दौर में बहुत ही पसंद किया गया।

रिपोर्ट- सुमन