नसीरुद्दीन शाह, बेमिसाल एक्टर, बेमिसाल पारी

नसीरुद्दीन शाह, बेमिसाल एक्टर, बेमिसाल पारी , बॉलीवुड के महान चरित्र अभिनेताओं में से एक नसीरुद्दीन शाह आज अपना 67वां जन्मदिन मना रहे हैं। नसीर की काबिलियत का सबसे बड़ा सुबूत है, सिनेमा में हर तरह की भूमिका में उन्हें मिली कामयाबी। चाहे नायक का किरदार हो या खलनायक का, नसीर ने हमेशा ही अपने हरफनमौला अंदाज से अपने फैन्स का दिल जीता है। यह सितारा जब भी स्क्रीन पर आया देखने वाले के मन में उस किरदार की अमिट छाप छोड़ दी।

नसीर ने अपने अभिनय से न सिर्फ बॉलीवुड, बल्कि हॉलीवुड और पाकिस्तानी सिल्वर स्क्रीन पर भी अपनी पहचान बनाई है। हॉलीवुड फिल्म ‘द लीग ऑफ एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जेंटलमैन’ और पाकिस्तानी फिल्म ‘खुदा’ में अपनी शानदार अभिनय के जरिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में अपना लोहा मनवाया। नसीर ने एक फिल्म का निर्देशन भी किया है। हाल ही में वह ‘इश्किया’, ‘राजनीति’ और ‘जिंदगी न मिलेगी दुबारा’ जैसी फिल्मों में नजर आए हैं।

नसीर के भाई लेफ्टि. जनरल जमीरुद्दीन शाह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के उप-कुलपति थे। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लिया। अभिनय के इस प्रतिष्ठित संस्थान से विधिवत प्रशिक्षण लेने के बाद वह रंगमंच और हिन्दी फिल्मों में सक्रिय हो गए।

नसीर ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘निशांत’ से की थी, जिसमें उनके साथ स्मिता पाटिल और शबाना आजमी जैसी बेहतरीन अभिनेत्रियां थीं। ‘निशांत’ एक आर्ट फिल्म थी। यह कमाई के हिसाब से तो पीछे रही, लेकिन नसीर छा गए।

इसके बाद उन्होंने ‘आक्रोश’, ‘स्पर्श’, ‘मिर्च मसाला’, ‘अलबर्ट पिंटों को गुस्सा क्यों आता है’, ‘मंडी’, ‘मोहन जोशी हाज़िर हो’, ‘अर्द्ध सत्य’, ‘कथा’ आदि कई आर्ट फिल्में कीं। आर्ट फिल्मों के साथ वह कॉमर्शियल फिल्मों में भी सक्रिय रहे। ‘मासूम’, ‘कर्मा’, ‘इजाज़त’, ‘जलवा’, ‘हीरो हीरालाल’, ‘गुलामी’, ‘त्रिदेव’, ‘विश्वात्मा’, ‘मोहरा’, ‘सरफ़रोश’ जैसी कॉमर्शियल फिल्में कर उन्होंने साबित कर दिया कि उन्हें केवल आर्ट ही नहीं बल्कि कॉमर्शियल फिल्मों में भी महारत हासिल है।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात पाकिस्तान से मेडिकल की पढ़ाई करने आईं परवीन मुराद से हुई। परवीन उम्र में नसीर से 15 साल सीनियर थीं, लेकिन इसके बावजूद दोनों में प्यार की केमिस्ट्री बन गई।

नसीर ने अपने करियर की फिक्र किए बिना परवीन से निकाह कर लिया, लेकिन यह जोड़ी ज्यादा दिनों तक एक-दूसरे का साथ नहीं दे सकी और जब उनकी बेटी हीबा एक साल की हुई, तो दोनों अलग हो गए। फिर नसीर ने एक्ट्रेस रत्ना पाठक को अपनी जीवनसंगिनी बनाया। नसीर और रत्ना के दो बेटे हुए इमाद शाह और विवान शाह। ये दोनों भी फिल्मी दुनिया से जुड़े हुए हैं, वहीं नसीर अभी भी बॉलीवुड में अभिनय की पारी खेल रहे हैं।

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