महेश भट्ट जिन्होंने अपनी हर फिल्म में अपनी खुद की कहानी उतारने की कोशिश की

महेश भट्ट का आज जन्मदिन है। 20 सितंबर को मुंबई में ही जन्में महेश इस साल अपना 71 वां जन्मदिन मना रहे हैं। इन्होंने ने अपने करियर में बॉलीवुड को कई बेहतरीन फ़िल्में और कलाकार दी हैं।

महेश की दो शादियां हुई हैं। पहली पत्नी किरन भट्ट से उन्हें बेटी पूजा भट्ट और बेटा राहुल भट्ट हुआ। बाद में उनकी लाइफ में एंट्रीप मारी सोनी राजदान ने। महेश ने सोनी राजदान से शादी कर ली। सोनी से ही महेश को दो बेटियां शाहीन भटृ और आलिया भट्ट हुईं।

इनके के पिता का नाम नानाभाई भट्ट और मां का नाम शिरीन मोहम्म्द अली है। उनके भाई मुकेश भट्ट भी भारतीय फ़िल्म निर्माता हैं।

आपको बता दें कि इन्होंने स्कूली पढ़ाई डॉन बोस्कोउ हाई स्कू ल, माटुंगा से की है। स्कूल के दौरान ही उन्हों ने पैसा कमाने के लिए समर जॉब्सई शुरू कर दिया था। उन्होंने कई विज्ञापन भी बनाए।

आपको बता दें कि कुछ फ़िल्मों में महेश ने अपनी ही ज़िंदगी को बड़े पर्दे पर कहानी के रूप में दिखाया है। महेश भट्ट की पहली बड़ी हिट फ़िल्म थी ‘अर्थ’ ।

इसके बाद उनकी ‘जानम’ और ‘नाम’ को भी काफी पसंद किया गया। ऐसा कहा जाता है कि इन फ़िल्मों में उन्‍होंने अपने व्‍यक्तिगत जीवन को पर्दे पर उतारने की कोशिश की।

फ़िल्म ‘आशिकी’ की बात करें तो यह फ़िल्म महेश और उनकी पहली पत्नी किरण भट्ट (मूल नाम लॉरेन ब्राइट) की कहानी पर आधारित मानी जाती है।

भट्ट कैंप की फ़िल्म ‘वो लम्हें’ महेश भट्ट और परवीन बॉबी की प्रेम कहानी मानी जाती है! महेश भट्ट लगातार अपने जीवन के अनुभवों को फ़िल्मों में उतारने की कोशिश करते रहे हैं।

करियर की बात करें तो 26 साल की उम्र में भट्ट ने निर्देशक के तौर पर फ़िल्म ‘मंजिलें और भी हैं’ से अपना डेब्‍यू किया। इसके बाद 1979 में आई ‘लहू के दो रंग’ जिसमें शबाना आजमी और विनोद खन्‍ना मुख्‍य भूमिका में थे, इसने 1980 के फिल्‍मफेयर अवार्ड्स में दो पुरस्‍क‍ार जीते।

साल 1984 में आई उनकी फ़िल्म ‘सारांश’ को भी लोगों ने काफी पसंद किया और अनुपम खेर के जीवन की भी यह अहम फ़िल्मों में से है। बाद में महेश निर्देशन के अलावा फ़िल्म निर्माण में भी आ गए।

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