लुप्त फिल्म रिव्यू | फिल्म में कुछ भी ऐसा नया नहीं जो देखने लायक हो

लुप्त एक सुपरनैचुरल हॉरर फिल्म है जिसकी सबसे ख़ास बात ये है कि इस फिल्म की लम्बाई 2 घंटे से भी कम है और झट से ये फिल्म ख़त्म हो जाती है क्योंकि कई बार हॉरर फिल्म डराने के चक्कर में इतनी लम्बी हो जाती हैं कि एक समय के बाद उन्हें झेलना मुश्किल हो जाता है।

फिल्म की प्रोडक्शन वैल्यू अच्छी है। सिनेमेटोग्राफी, एडिटिंग और बैकग्रांड म्यूजिक भी फिल्म की कहानी और विषय के हिसाब से अच्छे हैं जो कहीं कहीं अच्छे से डराते हैं। कई दृश्य तो बिना भूत प्रेत के भी डराने में कामयाब हैं। जावेद जाफरी ने अपने किरदार को अच्छे से निभाया है। विजय राज़ ने अपनी भूमिका में जान डाली है। प्रभुराज का निर्देशन अच्छा है।

पहले 20 मिनट में फिल्म थोड़ी कमज़ोर नज़र आती है और कुछ कुछ दृश्य ड्रैग करते हैं। अगर आप हॉरर फिल्म को पसंद करते हैं तो आप इसे एक बार देख सकते हैं। ये फिल्म आपका मनोरंजन करेगी। ये एक बदले की कहानी है मगर इस फिल्म के माध्यम से कहीं न कहीं फ़िल्मकार ये भी कह रहा है कि आपके कर्मों की सजा आपको या आपके परिवार को यहीं मिलेगी।

‘लुप्त’ की कहानी हर्ष टंडन और उनके परिवार की है। हर्ष एक बड़ा बिज़नेसमैन है जो अपने कारोबार को अपने परिवार से भी ज़्यादा तवज्जो देता है। हर्ष को अचानक कुछ आत्मा या भूत दिखाई देने लगते हैं। डॉक्टर क्रोनिक इंसोम्निया का शक जताती है जिसमे वो किरदार नज़र आते हैं जो होते ही नहीं हैं।

डॉक्टर इसके लिए ज़्यादा काम और थकान को ज़िम्मेदार मानती है और ऋषभ को काम से ब्रेक लेने की सलाह देती है। ऋषभ का परिवार पहले से ही छुट्टी पर कहीं बाहर जाना चाहता था लिहाजा ऋषभ अपने परिवार के साथ एक कार में निकल पड़ते हैं शिमला के लिए और फिर रात होते ही शुरू होता है डरावना खेल। फिल्म में ऋषभ टंडन बने हैं जावेद जाफरी।

मनोरंजन की ताज़ातरीन खबरों के लिए Gossipganj के साथ जुड़ें रहें और इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमें Twitter पर लेटेस्ट अपडेट के लिए फॉलो करें।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like