लोकेन्द्र सिंह कालवी ने पद्मावत देखने के मामले पर लिया यू टर्न, जानिए क्यों?

लोकेन्द्र सिंह कालवी ने पद्मावत देखने के मामले पर लिया यू टर्न, जानिए क्यों? संजय लीला भंसाली के निमंत्रण पर पद्मावत फिल्म देखने की हामी भरने वाले करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी अपने बयान से पलट गए है। आज सुबह कालवी ने कहा ​​कि वे फिल्म नहीं देखेंगे।

उन्होंने इतिहासकारों का हवाला देते हुए कहा कि जो लोग पूर्व में ​फिल्म देखकर आए थे उन्होंने इसमें कई खामियां बताई थी। कालवी का कहना है​​ कि फिल्म देखने का कोई मतलब नहीं बनता है ​क्योंकि इसमें इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म ‘पद्मावत’ को पूरे देश में रिलीज करने के आदेश में संशोधन की गुहार लगाई है। राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी याचिकाओं में कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते को उसे फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का अधिकार है। पीठ ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए मंगलवार को याचिकाओं पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

गौरतलब है कुछ दिन पूर्व पद्मावत फिल्म ​मेकर्स ने करणी सेना को पत्र लिखकर फिल्म देखने की अपील की थी। जिसके बाद करणी सेना की ओर से इस आमंत्रण को भंसाली का नाटक करार​ दिया था।

लेकिन इसके बाद सोमवार को करणी सेना के लोकेन्द्र सिंह कालवी फिल्म देखने की बात कह दी थी। जिसके बाद वे राजपूत समाज के कई संगठनों के निशाने पर आ गए थे। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना व अन्य राजपूत संगठनों ने उनके फिल्म देखने का विरोध किया था।

इस पत्र में यह भी लिखा गया कि फिल्म में पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच कोई दृश्य नहीं है। फिल्म में पद्मावती को पूरे सम्मान के साथ दर्शाया गया है। एएनआई ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि करणी सेना का दावा है कि भंसाली ने करणी सेना को फिल्म देखने का इन्विटेशन भेजा गया है।

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