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भोजपुरी फिल्म प्रतिघात झारखंड में रिलीज, साफ सुथरी पारिवारिक फिल्म

फिल्म की कास्ट से गॉसिपगंज की खास बातचीत

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भोजपुरी फिल्म प्रतिघात झारखंड में रिलीज हो चुकी है और इस फिल्म की यूसपी ये है कि इस फिल्म को देखने के लिए लोग परिवार सहित सिनेमाहाल का रूख कर रहे हैं। हलांकि भोजपुरी फिल्मों को लेकर अब तक ये ट्रेंड नहीं रहा है लेकिन प्रतिघात ने कुछ ऐसा किया है कि लोग अपने परिवार को भोजपुरी फिल्म दिखाने के लिए ले जा रहे हैं। इसी सिलसिले में गासिप गंज ने फिल्म के क्रू से बात की कि आखिर उन्होंने ऐसा क्या कि कि लोग भोजपुरी फिल्म प्रतिघात को देखने के लिए उमड़ पड़े हैं।

भोजपुरी फिल्म प्रतिघात
संजीव वेदवान

शुरुआत फिल्म के टेक्निकल डायरेक्टर संजीव वेदवान जी से करें तो जब उनसे प्रतिघात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने भी दिल खोल कर फिल्म की तारीफ की। यहां आपको बता दें कि ये उनकी पहली भोजपुरी फिल्म है। वो इससे पहले हरियाणवी फिल्में और वीडियो बनाते रहे हैं। प्रतिघात के पहले संजीव वेदवान ने हरियाणवी मूवी डियर वर्सेज बियर डायरेक्ट की है।

बकौल संजीव वेदवान, ”  मूवी अच्छी थी, सारे आर्टिस्ट लोकल थे। शुरआत में दिक्कत ती उन्हें समझाने में, लेकिन बाद में सब कुछ अच्छी हो गई। जब उन्हें प्यार से समझाता था तो लोग समझते थे कि गुस्से में बोल रहे हैं। दरअसल मैं ठहरा हरियाणवी जाट, कितना भी मीठा बोलूं लेकिन बोली का फर्क तो हो ही जाता है। ये एक सामूहिक प्रयास था। छोटी फिल्में सिनेमा पर रिलीज़ होना ही बड़ी सफलता होती है।

संजीव वेदवान ने आगे कहा कि मैं तो डायरेक्टर बन कर नहीं गया था वहां डायरेक्टर पहले से था। बहुत कम वक्त में फिल्म शूट कर ली थी और मुझे गढवा की लोकेशन बहुत पसंद आई। डेली कितने सीन शूट करने हैं पहले से तय कर लेते थे। इसलिए फिल्म जल्दी शूट हो गई। मैंने तो फिल्म की स्क्रिप्ट भी नहीं पढ़ी थी। बस शूट पर पहुंच गया था।

पहली बार भोजपुरी फिल्म की है कैसा लगा इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे लगा था कि शायद मैं डीग्रेड हो जाउंगा इसलिए मेरी पहली शर्त थी कि मेरा नाम फिल्म नाम में मत रखना। लेकिन बाद में समझ आया कि फिल्म तो बहुत अच्छी है। फिर मेरा नाम उन्होंने भोजपुरी फिल्म प्रतिघात में डाला गया । फिल्म में सबकी एक्टिंग अच्छी रही है। कहा जाए तो रीजनल के लिए स्टोरी अच्छी थी। भोजपुरी फिल्म प्रतिघात में हीरो से बड़ा खलनायक दिखाया गया है। गाने अच्छे फिल्माये हैं। मैं संतुष्ट हूं।

भोजपुरी फिल्म प्रतिघात
आफताब राना

वहीं जब आफताब राना से फिल्म प्रतिघात की बात की गई जिनकी ये तीसरी भोजपुरी फिल्म है। इससे पहले वो तोसे लागी लगन और आज के भारत डायरेक्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिघात को दूसरी फिल्मों की अपेक्षा अच्छे रिव्यू मिले, जनता का प्यार अच्छा है। मेरे ज़ेहन में एक बात गूंजती थी कि भोजपुरी फिल्म का मतलब का बहुत अच्छा नहीं माना जाता था। अश्लीलता अधिक थी। प्रोड्यूसर दया शंकर जी ने भी इस बात को माना। भोजपुरी फिल्म प्रतिघात में द्विअर्थी गाने नहीं है। अश्लील सीन्स नहीं है। आपको बताएं कि इतनी स्तरहीन फिल्में भोजपुरी में बनती हैं। भोजपुरी फिल्में हिन्दी फिल्मों से 150 साल पीछे हैं। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में गायक ही हीरो होता है। अब बतौर गायक वो इतनी अश्लीलता पहले ही परोस चुके हैं ।उनसे अच्छे की उम्मीद भी नहीं की जा सकती।

आफताब राना ने कहा कि भोजपुरी फिल्में में साफ सुथरे कंटेट को लेकर ये हम लोगों का अभियान है। भोजपुरी फिल्म प्रतिघात में अनीता पंडित जी,  मनोज पंडित जी संजीव वेदवान ने मेरे लक्ष्य को समझा। भोजपुरी फिल्म प्रतिघात में सिर्फ तीन जगह साला शब्द का इस्तेमाल किया गया है। पूरा परिवार फिल्म को एक साथ देख सकता है। मेरी कोशिश है भोजपुरी फिल्म का ट्रेंड बने असरदार पारिवारिक फिल्में बनें। दरअसल ससुरा वाला बड़े पैसे वाला से भोजपुरी फिल्मों की सेकेंड ईनिंग शुरु हुई है। बस वहीं से अश्लीलता शुरु हो गई।

भोजपुरी फिल्म प्रतिघात
कमल रंजीत

वहीं कमल रंजीत तो पहले नैना और लड़ गई नजरिया सैंय्या से में नज़र आ चुके हैं उनके मुताबिक प्रतिघात में काम करके संतुष्टि मिली। साफ सुथरी फिल्म है। परिवार वाले फिल्म देखने जा रहे हैं। ये फिल्म डिजीटल फिल्म है। मनोज पंडित जी के साथ काम करके अच्छा लगा। उनका काफी दोस्ताना व्यवहार है। प्रतिघात को रिस्पॉन्स अच्छा मिल रहा है। मैं साफ सुथऱी फिल्में ही करना चाहता हूं। प्रतिघात करने के बाद ये चीज़ साफ हो गई कि साफ सुथरी फिल्में ही चलती हैं। मेरा मानना है  ऐसी फिल्में की वजह से महिलाओं का वर्ग दोबारा फिल्म देखने सिनेमाहाल जाने लगेगा। प्रतिघात से भोजपुरी सिनेमा में बदलाव आएगा।

भोजपुरी फिल्म प्रतिघात
दया शंकर गुप्ता

फिल्म के प्रोड्यूसर दया शंकर गुप्ता जी का कहना है वो साफ सुथरी फिल्म का भोजपुरी का दौर वापस लाना चाहते हैं। उनका कहना है कि भोजपुरी फिल्मों में गाने वल्गर होते हैं। आप परिवार के साथ आप फिल्में नहीं देख सकते लेकिन प्रतिघात आप परिवारक के साथ देख सकते हैं। लोगों ने फिल्म की तारीफ की। मुझे खुशी है। उन्होंने आगे कहा कि मेरी फैमिली नहीं चाह रही थी कि मैं फिल्म का काम करूं लेकिन मेरी लगन देखकर वो लोग सपोर्ट में आ गए। दोस्तों ने सपोर्ट किया है। इतना ही नहीं मेरी पत्नी ने नायक की मां का रोल किया है। मैं साफ सुथरी फिल्मों का ट्रेंड दोबारा लाना चाहता हूं। भोजपुरी फिल्मों की तस्वीर बदलनी है। उम्मीद है  मैं कामयाब हो जाऊंगा। आपको बता दें कि दया शंकर गुप्ता झारखंड फिल्म निर्माता संघ के गढ़वा जिला संघ के अध्यक्ष हैं और निर्माता संघ का अध्यक्ष बनने के बाद इन्हें लगा कि अब इन्हें फिल्म बनानी चाहिए।

भोजपुरी फिल्म प्रतिघात
रजनीश रंजन

भोजपुरी फिल्म प्रतिघात असिस्टेंट डायरेक्टर रहे रजनीश रंजन की बतौर एडी प्रतिघात पहली मूवी है। इसके अलावा वो  दगाबाज प्रीतिया एडी, और माई फ्रैंड्स दुल्हिनिया में बतौर एडी काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम मनोज जी के साथ पहले से जुड़े हुए हैं उनसे हम एनिमेशन सीखते थे। उन्ही से राइटिंग से शुरुआत की। सर ने मुझे फिल्म ऑफर किया। मैंने प्रतिघात की स्क्रिप्ट की। साफ सुथरी भोजपुरी फिल्म करके अच्छा लगा। पहले भोजपुरी गाने सुनते थे सोचते थे कि कैसे कैसे गाने रखते हैं लोग फिल्म में। लेकिन फिल्म प्रतिघात में में काम करके अच्छा लगा कि मैं इस फिल्म का पार्ट हूं। हां मूवी शूट करने के दौरान काफी परेशानी हुई। भीड़ इकट्ठी हो गई थी। पब्लिक कंट्रोल करना मुश्किल था लेकिन उन्होंने भी बाद में सपोर्ट किया।

भोजपुरी फिल्म प्रतिघात
अनीता पंडित

अनीता पंडित जो इस फिल्म की प्रोडक्शन मैनेजर थीं उन्होंने कहा कि मेरा अच्छा अनुभव रहा है। शार्ट फिल्म बनाई है छोटी सी चाहत। मैंने भोजपुरी फिल्म प्रतिघात में पूरा काम किया है। एक और फिल्म बना कर रखी है। जिससे मुझे मैनेजमेंट का आइडिया मिल गया। मैं तो लोगों को दिल्ली से लेकर गढ़वा गई थी। डायरेक्टर, कैंमरा मैन और एक्टर एक्ट्रेस सब साथ गए थे। छोटी जगह के एक्टर एक्ट्रेस दोनों को ट्रेनिंग देकर बहुत अच्छा लगा। मैनेज करने में मुश्किल नहीं हुई। हर शिफ्ट में शूट कैसा चलेगा सब कुछ मैनेज कर लिया। हम लोग दिल्ली से तकनीकी टीम ले कर गए। जिससे फिल्म अच्छी बन सके।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे फिल्म की तारीफ बहुत अच्छी लगी। मनोज पंडित जी को लेकर लोगों ने खूब कमेंट किए। इनकी कव्वाली पर लोगों ने कमेंट कर लिया। डायलॉग्स को लोगों ने बहुत पसंद किया। मुझे बहुत अच्छा लगा मैंने लोंगो से जाकर बात की। फिल्म की कॉमेडी के भी लोगों ने मजे लिए। उम्मीद है प्रतिघात से साफ सुथरी फिल्म का ट्रेंड शुरू हो सकता है। इस फिल्म ने भोजपुरी फिल्म का परसेप्शन बदल दिया। मुझे लगता है  ये अच्छी शुरुआत है। हमें एक चीज़ पता है  हमें भोजपुरी फिल्म का ट्रेंड बदलना है। पहले भोजपुरी फिल्में पारिवारिक हुआ करती थीं अब हमें एक बार भोजपुरी फिल्मों वो ट्रेंड शुरु करना है। देखना है कामयाबी कैसे मिलती है।

भोजपुरी फिल्म प्रतिघात
मनोज पंडित

वहीं फिल्म विलेन राना का किरदार निभा रहे मनोज पंडित भी फिल्म को मिल रहे रिस्पॉन्स से काफी खुश नज़र आए, वो कहते हैं कि लोगों ने मेरे किरदार को पसंद किया है। लोग मेरे चरित्र से जुड़े और लोगों ने मेरे यानि राना को खूब खरी खोटी भी सुनाई। लोग पर्दे पर मुझे देख कर कह रहे थे कि बाहर मिले तो मांरेंगे हालांकि बाद में जब मैं हकीकत में उनसे मिला तो उन लोंगो ने मुझे गले लगा लिया। मुझे जब पर्दे पर गोली लगे तो लोग कह रहे थे कि और गोली मारो। मेरी क्रूरता को लोगों ने इन्ज्वॉय किया। ये मेरे लिए अभूतपूर्व अनुभव रहा। लोगों ने अच्छी प्रतिक्रिया दी, समझ लीजिए एक नया खलनायक उदित हो रहा है। अनीता पंडित जी ने कहा कि इनका इतना रीटेक करो कि या तो ये अपना 100 प्रतिशत दे या फिर एक्टिंग ही छोड़ दें। सबकी रात दिन की मेहनत कामयाब हुई।

भोजपुरी फिल्म प्रतिघात
रिंकू भारती

रिंकू भारती जिन्होंने प्रतिघात में सेकेंड लीड का किरदार निभाया है उन्होंने कहा कि ये मेरी भोजपुरी में पहली फिल्म है। मैंने प्रतिघात के पहले हिन्दी फिल्म ,ज़िला कन्नौज और हॉलीवुड की फिल्म द हंगरी, जो नसीरूद्धीन शाह के साथ थी उसमें काम किया है इसके अलावा तमिल फिल्म में भी काम किया है। हर फिल्म में मेरा कैरेक्टर रोल होता है लेकिन इस फिल्म मैं सेकेंड लीड हिरोइन का किरदार निभा रही हूं। मुझे खुशी है कि मुझे ऐसा काम आगे मिले। हां मैं मैं मसाला फिल्म कभी नहीं करूगी। प्रतिघात जैसी साफ सुथरी फिल्म ही करूंगी।

भोजपुरी फिल्म प्रतिघात
कंचन सिंह

फिल्म की लीड एक्ट्रेस कंचन सिंह दिल्ली में रहती हैं और वो मानती हैं कि मुंबई के लोग ही एक्टिंग नहीं करते हैं, दिल्ली और बिहार के लोग मुंबई जाकर एक्टिंग करते हैं। वो कहती हैं कि मुझे भोजपुरी अच्छी लगती है और इसीलिए मैंने भोजपुरी फिल्मों को करने का सोचा है। हिन्दी फिल्में भी करनी हैं। लेकिन भोजपुरी में ज्यादा इन्ट्रेस्टेड हूं। भोजपुरी फिल्मों को लेकर लोगं का नज़रिया बदलना चाहिए। मुझे पहले लगता था कि भोजपुरी फिल्में मसाले से चलती हैं। चूंकि इसमें मसाला नहीं था तो मुझे थोड़ा डर था। लेकिन जब स्क्रिप्ट पढ़ी तो मुझे अच्छा लगा और मैंने फिल्म एक्सेप्ट कर ली। मुझे लगता था कि शायद लोग मुझे पसंद ना करें भोजपुरी फिल्म प्रतिघात में। भोजपुरी फिल्म प्रतिघात में मेरा डांस है लेकिन वो भी साफ सुथरा है। नोकझोंक भी है। सबकुछ ऐसा है  आप परिवार के साथ देख सकते हैं। फाइट सीन्स भी हैं जिन्हें करने में मुझे मज़ा आया।

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