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एडिटर्स च्वाइस

बाबूजी ने सिखाया किसी भी समारोह में जाओ तो last row में बैठना

बाबूजी ने सिखाया किसी भी समारोह में जाओ तो last row में बैठना , अमिताभ बच्चन का एक बेहद मशहूर डायलॉग है, आप सबने सुना होगा- 'हम जहां खड़े होते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है।' फ़िल्म 'कालिया' के इस डायलॉग को आज भी मुहावरे की तरह इस्तेमाल…

केरल त्रासदी | ए आर रहमान ने कॉन्सर्ट में गाया केरला केरला डोन्ट वरी केरला

केरल में आई भयानक बाढ़ ने सैंकड़ों ज़िंदगिया निगल ली। जिधर देखिए उधर तबाही का मंजर है वहीं इस त्रासदी ने कई लोगों को जोड़ने का काम किया है। केरल त्रासदी के बीच कई ऐसी मार्मिक और अद्भुत तस्वीरें सामने आ रही हैं जिन्हें देखकर लोगोंं का…

केशव लाल | फुटपाथ पर हारमोनियम बजाने वाले संगीतकार को नेहा-विशाल ने दिया दान

केशव लाल | फुटपाथ पर हारमोनियम बजाने वाले संगीतकार को नेहा-विशाल ने दिया दान, सिंगर और कंपोजर विशाल ददलानी और नेहा कक्कड़ ने पुणे के फुटपाथ पर एक बैठे एक ऐसे व्यक्ति कि मदद की जो पिछले 30 सालों से वहां हारमोनियम बजाता आ रहा था।

बॉलीवुड की फिल्मों के शौकीन थे अटल जी, देवदास और बंदिनी थी उनकी पसंदीदा फिल्म

बॉलीवुड की फिल्मों के शौकीन थे अटल जी, देवदास और बंदिनी थी उनकी पसंदीदा फिल्म, लंबे वक्त से बीमार चल रहे देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एम्स में निधन हो गया। वाजपेयी 94 वर्ष के थे। उन्होंने पांच बजकर पांच मिनट पर आखिरी सांस…

अटल बिहारी वाजपेयी के कहने पर जब नवाज़ शरीफ को दिलीप कुमार ने सिखाई शराफत

अटल बिहारी वाजपेयी ने जब नवाज शरीफ को डांटने के लिए दिलीप कुमार की ली मदद, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर दिलीप कुमार के आपसी रिश्ते काफी अच्छे रहे हैं। कारगिल यूद्ध के दौरान दिलीप कुमार ने वाजपेयी के लिए…

अटल बिहारी वाजपेयी जी ने देखी थी हेमा मालिनी की ये फिल्म 25 बार!

अटल बिहारी वाजपेयी जी ने देखी थी हेमा मालिनी की ये फिल्म 25 बार! अटल बिहारी वाजपेयी जी का हृदय कवित्व से भरा पड़ा है। शायद यही वजह थी कि अटल बिहारी वाजपेयी जी बॉलीवुड की एकाध फिल्म देख लिया करते थे। उन्हीं फिल्मों में एक थी सीता और गीता।

दोस्ती 1964 से लेकर 2018 की वीरे दी वेडिंग तक फ्रैंडशिप , मास्टरबेशन तक जा पहुंची

दोस्ती 1964 से लेकर 2018 की वीरे दी वेडिंग तक फ्रैंडशिप , मास्टरबेशन तक जा पहुंची, बॉलीवुड और दोस्ती ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू नज़र आते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले की फिल्मों की दोस्ती एक मिसाल के तौर पर देखी जाती थी और उसमें…

अद्वैत कुमार, जिनके मुताबिक वक्त के साथ चलना ही ज़िंदगी है

अद्वैत कुमार, जिनके मुताबिक वक्त के साथ चलना ही ज़िंदगी है। उम्मीदों का टूटना और उन्हें जोड़ना और जोड़ कर अपने सपने को हकीकत में बदलना। अद्वैत कुमार की ये आदत है। शायद इसीलिए वो इस मुकाम पर हैं। गॉसिपगंज के एडिटर मधुरेंद्र पाण्डे ने उनसे…

रीमा दास | विलेज रॉकस्टार के लिए मिला नेशनल अवॉर्ड

रीमा दास | विलेज रॉकस्टार के लिए मिला नेशनल अवॉर्ड , सपने सभी देखते हैं पर सपनों को सच करने का जुनून उन्ही लोगों में होता है जिनको उनके सपने सोने नही देते! अर्थात वही लोग कामयाब होते है जो अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन रात एक कर मेहनत…

विपिन एच सिंह, छोटे शहर से निकला फिल्मों का बड़ा सितारा

विपिन एच सिंह, छोटे शहर से निकला फिल्मों का बड़ा सितारा, जी हां भोजपुरी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुके विपिन एच सिंह ने ज़िंदगी के हर कदम पर एक इम्तिहान को जिया है। ज़िंदगी ने जितने अधिक विपिन सिंह एक्टर का इम्तिहान लिया वो उतने…

बनवारी झोल | अपने सपने को ज़िंदगी में ढालना कोई इनसे सीखे

बनवारी झोल | अपने सपने को ज़िंदगी में ढालना कोई इनसे सीखे, बनवारी झोल जिनका नाम का ज़िक्र ज़ुबां पर आते ही उनके निभाए किरदार ज़ेहन में तैरने लगते हैं। उम्र और सोच इन्होंने दोनों से आगे जाकर अपना मकाम हासिल किया है। गॉसिपगंज के एडिटर…