पद्मावती | विवाद का पटाक्षेप, पद्मावती को पद्मावत नाम से रिलीज़ किया जाए!

0
57
पद्मावती

पद्मावती | विवाद का पटाक्षेप, पद्मावती को पद्मावत नाम से रिलीज़ किया जाए! केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने संजय लीला भंसाली की विवादास्पद फिल्म ‘पद्मावती’ में किसी कट की सिफारिश नहीं की है और फिल्म को पांच संशोधनों के साथ यू/ए प्रमाणपत्र देने का फैसला किया है और फिल्म-निर्माता से कहा है कि फिल्म का नाम बदलकर ‘पद्मावत’ कर दिया जाए। सेंसर बोर्ड के प्रमुख प्रसून जोशी ने शनिवार को यह सफाई दी। पिछले कुछ महीनों से विवादों के कारण फिल्म की रिलीज को लेकर अनिश्चितता छाई थी, लेकिन शनिवार को सीबीएफसी ने जांच समिति की बैठक के बाद कहा कि उसने फिल्म को कुछ संशोधनों के साथ यू/ए प्रमाणपत्र देने का फैसला किया है।

जोशी ने कहा, उन्होंने “ऐतिहासिक स्थानों के गलत और भ्रामक संदर्भ में संशोधन की मांग की है।” इसके अलावा उन्होंने निर्माताओं से एक डिस्क्लेमर जोड़ने की मांग की है, “जिसमें यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि फिल्म किसी भी तरह सती प्रथा का महिमामंडन नहीं करती।” जोशी ने कहा कि बदलाव के ये सुझाव फिल्म निर्माताओं और निर्देशक की पूर्ण सहमति से दिए गए हैं। ‘पद्मावती’ का निर्माण वायाकॉम 18 मोशन पिक्चर्स ने किया है और इसका निर्देशन संजय लीला भंसाली ने किया है। इसमें दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई है।

इसे भी पढ़िए:   दिसंबर के पूरे महीने मुफ्त में गाएंगे सोनू निगम, चैरिटी शोज़ करेंगे

जोशी ने आईएएनएस को ईमेल के माध्यम से बताया, “सीबीएफसी ने फिल्म में किसी भी कट की सिफारिश नहीं की है, केवल पांच संशोधन करने को कहा है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने निर्माताओं से डिस्क्लेमर को बदलने को कहा है, ‘स्पष्ट रूप से यह बताने को कहा है कि यह फिल्म ऐतिहासिक रूप से सही होने का दावा नहीं करती।’ फिल्म के शीर्षक ‘पद्मावती’ के संबंध में जोशी ने कहा कि इसे बदल कर ‘पद्मावत’ कर दिया जाए, क्योंकि उन्होंने इसे इतिहास से नहीं, बल्कि काल्पनिक कहानी ‘पद्मावत’ से प्रेरणा लेकर बनाई है। सीबीएफसी ने इसके अलावा निर्माताओं से ‘घूमर’ गाने में चरित्र के मुताबिक बदलाव करने की सिफारिश की है।

वहीं इस मामले पर सेंसर बोर्ड के पूर्व चीफ ने पद्मावती पर पॉलिटिकल माइलेज लेने का सवाल उठाया है। उनका कहना है कि पद्मावती को लेकर बोर्ड चीफ पर काफी दबाव था कि इसे इलेक्शन के बाद रिलीज किया जाए। देशभर में विरोध-प्रदर्शन के बीच बीजेपी की सत्ता वाले 7 राज्यों ने फिल्म की रिलीज रोकने की बात कही थी। दरअसल, इसके बहाने राजनीतिक दलों ने राजपूतों की राजनीति की। 7.5 करोड़ राजपूत देश के 15 बड़े राज्यों में 450-500 विधानसभा सीटों पर असर डालते हैं। इसीलिए चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां फिल्म के खिलाफ खुलकर बोलीं।

इसे भी पढ़िए:   प्रसिद्धि से मुक्ति और शांति चाहते हैं अमिताभ बच्चन, ब्लॉग पर पोस्ट किया दर्द

पहलाज निहलानी ने कहा, ”सेंसर बोर्ड ने फिल्म को साइडलाइन कर दिया था, इससे बोर्ड के काम करने के तौर-तरीके पर सवाल उठते हैं। अब इतने कट लगाने के बाद प्रोड्यूसर्स को बड़े घाटे का सामना करना होगा। ‘दूसरी ओर, फिल्म को लेकर वोट बैंक की पॉलिटिक्स भी हुई। हाल के इलेक्शन के बाद अब फिल्म रिलीज होगी। बोर्ड के चेयरमैन के ऊपर मंत्रालय का बहुत ज्यादा दबाव था। फिल्म को लेकर बहुत विवाद हुआ। यह फैसला कई राज्यों में इसके विरोध के पहले भी लिया जा सकता था।”

सेंट्रल बोर्ड आॅफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) की ओर से फिल्म ‘पद्मावती’ और इसके ‘घूमर’ गाने में संशोधन के बाद U/A प्रमाण पत्र जारी करने की मीडिया में खबरें आने के बाद करणी सेना ने अपनी बात रखी है। करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी के अनुसार फिल्म को देखने वाला इतिहासकारों का पैनल उनके सम्पर्क में है और कालवी ने दावा किया कि फिल्म देखने के बाद पैनल ने बोर्ड को साफ कहा है कि ये फिल्म रिलीज ही नहीं हो सकती है। इसमें बहुत खामियां हैं। उन्होंने कहा कि मैने भी फिल्म के नाम व घूमर गाने में बदलाव को लेकर चर्चाएं सुनी हैं। उन्होंने कहा कि इस गाने में बदलाव नहीं, बल्कि ये गाना ही बैन होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पैनल में शामिल इतिहासकारों ने भी इस गाने पर आपत्ति जताई है।

इसे भी पढ़िए:   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक को लेकर मुश्किल में हैं परेश रावल

पद्मावती पहले एक दिसंबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन विवादों में उलझ जाने के कारण रिलीज टाल दी गई। राजपूत समुदाय के एक संगठन करणी सेना ने फिल्म पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध का आग्रह किया था, क्योंकि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ किया गया है। राजपूत संगठन के सदस्यों ने इस वर्ष की शुरुआत में भंसाली पर शारीरिक रूप से जयपुर में शूटिंग के दौरान हमला किया। उन्होंने मुंबई के बाहरी इलाके में भी फिल्म के सेट को जला दिया था। विवाद ने उस वक्त हिंसक मोड़ ले लिया, जब भंसाली और दीपिका के खिलाफ धमकियां जारी की गईं।

LEAVE A REPLY

sixteen − eleven =