भोजपुरी सिनेमा में बदलाव की बयार |दगाबाज़ पिरितिया को मिला दर्शकों का प्यार

भोजपुरी सिनेमा बदल रहा है कम से कम जो लोग दगाबाज़ पिरितिया देखकर सिनेमा हाल से बाहर निकल रहे हैं वो तो यही समझ रहे हैं। 80 के दशक में जैसी भोजपुरी साफ सुथरी फिल्में बना करती थीं दगाबाज़ पिरितिया उसी का इक्कीसवीं सदी में बीजारोपण है। इस फिल्म मे भोजपुरी परम्परा व लोक संस्कृति को सहजता से प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है।

दगाबाज पिरितिया उमा मोशन पिक्चर के बैनर तले बनी है। जिसके निर्देशक हैं संजय ऋतुराज, कैमरा डायरेक्शन में हैं दिनेश ग्रोवर, फाइट मास्टर व नृत्य निर्देशन में हैं देव तोमर वहीं मुख्य अभिनेता हैं धर्मेंद्र सिंह सूर्या हैं जिनके साथ मुख्य नायिका हैं प्रियंका प्रसाद व अर्चना सिंह। इस फिल्म में रामू काका के किरदार में मनोज पंडित हैं जिन्होंने फिल्म में रंग जमा दिया है।

इस फिल्म के निर्देशक संजय ऋतुराज खुद भोजपुरी लोकगीत और फिल्मों अश्लीलता के खिलाफ आवाज बुलंद किये हुए हैं तो जाहिर है कि ये फिल्म पूरी तरह पारिवारिक है औऱ लोग इसे पसंद कर रहे हैं। ठंड के मौसम में भी लोग इस फिल्म को सिनेमा हाल में जाकर देख रहे हैं।

दगाबाज पिरितिया पूरी तरह से पारिवारिक एवं रोमांटिक फिल्म है। इस फिल्म में प्यार में दगाबाजी मिलने पर नायक और नायिका पर क्या गुजरती है तथा समाज के लोग क्या रवैया अपनाते हैं यह दिखाया गया है। इस फिल्म में कुल आठ गाने हैं। इस फिल्म के गाने भोजपुरिया दर्शकों में बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं क्योंकि सबके सब गाने दिल को छू जाने वाले हैं। यकीनन फिल्म भी दर्शकों के दिलों को छूने में सफल रहेगी। कहा जाए तो दगाबाज पिरितिया भोजपुरी फिल्म में मील का पत्थर साबित होगी क्योंकि जैसा इसे दर्शकों का प्यार मिल रहा है। उसके मुताबिक ये फिल्म भोजपुरी सिनेमा में नया इतिहास रचेगी।

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