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सोनू के टीटू की स्वीटी को अगर नहीं देखा तो समझो कुछ नहीं देखा

फुल मसाला फिल्म है सोनू के टीटू की स्वीटी, टोटल पैसा वसूल

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सोनू के टीटू की स्वीटी को अगर नहीं देखा तो समझो कुछ नहीं देखा, ‘प्यार का पंचानामा’ के लिए दर्शकों के बीच पहचान बनाने वाले निर्देशक लव रंजन के डायरेक्शन वाली फिल्म सोनू के टीटू की स्वीटी शुक्रवार को रिलीज हो चुकी है। कॉमेडी फिल्मों के चाहने वालों के लिए यह फिल्म उनकी इस तलाश को पूरा करने में कामयाब रहेगी। अपने हर बार के अंदाज में इस बार भी लव रंजन एक अलग तरह की कहानी लेकर सामने आए हैं, जो खासतौर पर यूथ को अच्छी लगेगी। नई कहानी में काफी कुछ पुराना भी है, जेसे स्टारकास्ट ओर लव रंजन का सिग्नेचर स्टाइल।

दरअसल लव अपनी फिल्मों की एक्ट्रेस को भी अच्छा खासा स्पेस देते हैं और उनकी फिल्मों में अब तक रोंतडू लड़कियों के बजाय टाइट फाइट देने वाली लड़कियां ही नजर आई हैं। इस फिल्म में भी ऐसा ही कुछ है। ‘प्यार का पंचनामा’ फेम नुसरत भरुच, कार्तिक आर्यन और सनी निज्जर की जुगलबंदी से सजी यह फिल्म आपको बार बार हंसाती है और इस हंसी को बढ़ाने का काम करते हैं अपने ‘संस्कारी’ आलोक नाथ, जो फिल्म में बिल्कुल भी संस्कारी नहीं है।

सोनू के टीटू की स्वीटी में तीनों मुख्य कलाकारों ने शानदार काम किया है। इन तीनों की एक्टिंग आप पहले भी पीकेपी और पीकेपी-2 में देख चुके है तो इस बार भी आप निराश नहीं होंगे। असली कॉमेडी और ड्रामे का पुट डाला है आलोक नाथ ने जो टीटू के दादा के किरदार में है और बिल्कुल दादा जैसे नहीं है। देश के ‘संस्कारी बाबूजी’ अपने संस्कारों की लिमिट क्रॉस करते ही नजर आते है। लेकिन बावजूद इसके उनकी बेहतरीन डायलॉग डिलीवरी और कमाल की एक्टिंग मनोरंजन का स्तर बनाए रखती है। आलोक नाथ की बीवी के किरदार में मधुमालती कपूर ने दादी का किरदार अच्छे से निभाया है। इसके अलावा दीपिका अमीन, पवन चोपड़ा, इशिता राज ने कहानी को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका अच्छे से निभाई है।

सोनू के टीटू की स्वीटी की कहानी दमदार है। यह कहानी दो दोस्तों की है, सोनू (कार्तिक) और टीटू (सनी) बिल्कुल दो जिस्म एक जान। दोनों बचपन के दोस्त है। बचपन से सोनू अपने दोस्त टीटू को दुनिया भर के पचड़ों और लड़कियों से बचाता चला आ रहा है। यह कहानी है इन दोनों के बीच पनपे ‘ब्रोमांस’ की, लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है जब टीटू की शादी की बात चल निकलती है। सोनू को टीटू की स्वीटी (नुसरत) के 100% परफेक्ट बहू, पत्नी और संस्कारी प्लस मॉर्डन होने के सही तालमेल पर शक होने लगता है और वो स्वीटी की असली सूरत सबके सामने के कोशिशों में जुट जाता है। असली कहानी इन्हीं दोनों की नोंकझोंक और तकरार के इर्द-गिर्द घूमती है जिसमें दोनों टीटू को हासिल करने की कोशिश में रहते है। इस जंग में जीत किसकी होती है यह देखने के लिए आपको थियेटर का रुख करना ही होगा। फिल्म अपनी गति बनाए रखती है और कहीं भी लय टूटने की गुंजाइश नहीं रखती है।

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