फुकरे रिटर्न्स, ज़बरदस्त टाइम पास फिल्म, हंसते हंसते पेट फूल जाएगा

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फुकरे रिटर्न्स, ज़बरदस्त

फुकरे रिटर्न्स, ज़बरदस्त टाइम पास फिल्म, हंसते हंसते पेट फूल जाएगा , बॉलीवुड फिल्म फुकरे रिटर्न्स आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में एक बार फिर से आपको पुरानी स्टार कास्ट नजर आएगी। फुकरे रिटर्न्स में इस बार नई परिस्थितियों को डाला गया है और साथ ही ऋचा चढ्ढा फुकरों से बदला लेते हुए दिखाई देंगी। मृगदीप सिंह लांबा के निर्देशन में बनी फुकरे रिटर्न्स में पंकज त्रिपाठी भी अहम भूमिका निभाएंगे। ये फिल्म साल 2013 की हिट फिल्म फुकरे का सीक्वल है।

स्कूल स्टडी करने के बाद हनी ( पुलकित सम्राट ) और चूचा (वरुण शर्मा) की दोस्ती कम नहीं हुई। इनकी दोस्ती अभी भी पहले की तर्ज पर बरकरार है। वैसे, चूचा की मां को इनकी दोस्ती कतई पसंद नहीं हैं। चूचा पहले से दिल ही दिल में लेडी डॉन भोली पंजाबन ( रिचा चड्डा ) को दिल दे चुका है। अब यह बात अलग है भोली को उसकी शक्ल तक पसंद नहीं। चूचा का सपना है कि वह भी अपने दोस्त हनी की तरह खूबसूरत लड़कियों को पटाने में एक्सपर्ट बन जाए। इनकी मंडली के तीसरे मेम्बर लाली (मनजोत सिंह) को न चाहकर भी अपने पापाजी की हलवाई की दुकान पर काम करना होता है। फुकरा टीम का मेम्बर जफर ( अली फजल) अपनी प्रेमिका के साथ शादी करके खुशहाल जिंदगी गुजारना चाहता है। इस टीम के साथ पंडित जी (पकंज त्रिपाठी) भी है जो हर मुश्किल से अक्सर इस टीम को बाहर निकालता है। पिछली फिल्म के क्लाइमैक्स में भोली पंजाबन को इसी फुकरा टीम की वजह से मोटा नुकसान होता है और इतना हीं नहीं भोली को जेल जाना पड़ता है। अब एक साल गुजर चुका है, भोली जेल से बाहर आती है। उसके गैंग के दो वफादार अफ्रीकन मेम्बर उसके साथ हैं। भोली जेल से बाहर आकर सबसे पहले इन फुकरों को सबक सिखाने का फैसला करती है।

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भोली के खास आदमी इन फुकरों को लेकर भोली के अड्डे पर आते हैं। भोली इन सभी को जमकर टॉर्चर करती है। चूचा के पास एक खास वरदान है, जिसके चलते चूचा सपने में जो भी देखता है वह बाद में सही साबित होता है। भोली पंजाबन का नुकसान चुकाने के मकसद से फुकरा टीम भोली से कुछ और रकम लेकर लॉटरी का नंबर निकालने का काम शुरू करते हैं, जिसमें चूचा पहले ही इन्हें सही नंबर बता देता है। शहर के लोग फुकरा टीम की लॉटरी में अपनी जमा-पूंजी लगाते हैं। पैसा लगाने वालों को डबल रकम मिलती है। चूचा की खास शक्ति के चलते फुकरा टीम का यह बिज़नस खूब चल निकलता है। पंडित जी अब इस बिज़नस में इनके साथ हैं। तभी दिल्ली और बॉर्डर के इलाके में लॉटरी के बिज़नस से जुड़े मिनिस्टर का धंधा फुकरा टीम के लॉटरी के बाद बंद होने की कगार पर पहुंच जाता है। ऐसे में मिनिस्टर एक ऐसी चाल चलता है जिससे फुकरा टीम को लॉटरी में करोड़ों का घाटा हो जाता है। फुकरे रिटर्न्स, ज़बरदस्त टाइम पास फिल्म हम इसीलिए कह रहे हैं।

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इस बार भोली पंजाबन को पिछली फिल्म से ज्यादा स्क्रीन टाइम मिला है। इस बार किरदारों का क्रेजीपन पिछली बार से आपको डबल देखने को मिलेगा। फिल्म का मजबूत किरदार सभी स्टार्स की बेहतरीन परफॉर्मेंस है। एक बार फिर से आपको आखिर में जो किरदार याद रहेगा वो है चूचा। पंडितजी जी के रोल में पंकज त्रिपाठी आपको किसी सरप्राइज पैकेज की तरह लगेंगे। फिल्म का सेकेंड हाफ आपको थोड़ा खींचा हुआ लगेगा लेकिन जोक्स आपको बोरियत महसूस नहीं होने देंगे। फुकरे रिटर्न्स, ज़बरदस्त जोक्स का कलेक्शन है। जिसमें आपको बुरा कुछ भी नहीं लगेगा।

डायरेक्टर मृगदीप सिंह लांबा के पास एक कमजोर कहानी थी, जिसे उन्होंने बॉक्स आफिस पर बिकाऊ मसालों का तड़का लगाकर पेश कर दिया। टाइटल सॉन्ग को छोड़ दें तो ‘ओ मेरी महबूबा’ गाने को फिल्म में वेस्टर्न अंदाज में अच्छे ढंग से फिट किया गया है। ‘तू मेरा भाई नहीं है’ गाना स्क्रीन पर देखने में अच्छा लगेगा इसके बावजूद फिल्म में ऐसा कोई गाना नहीं है जो हॉल से बाहर आने के बाद म्यूजिक लवर्स की जुंबा पर रहे।

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इस बार डायरेक्टर लांबा ने बेशक किरदारों पर तो काफी मेहनत की, लेकिन स्टोरी और स्क्रीनप्ले पर ध्यान नहीं दिया। हनी (पुलकित), चूचा (वरुण) और पंडित जी (पकंज त्रिपाठी) की गजब की केमिस्ट्री है। इन तीनों ने अपने किरदारों को पावरफुल बनाने के लिए बहुत मेहनत की है। पंडित जी के किरदार में पंकज त्रिपाठी का जवाब नहीं। वहीं भोली पंजाबन का जो बिंदास बेबाक अंदाज पिछली फिल्म में नजर आया, वह इस बार नदारद है। वरुण शर्मा की ऐक्टिंग लाजवाब है, वह जब भी स्क्रीन पर आते हैं तभी हॉल में हंसी के ठहाके सुनाई देते हैं। पुलकित ने अपने किरदार को अच्छे ढंग से निभाया, लेकिन पुलकित की ऐक्टिंग पर सलमान खान का असर इस फिल्म में भी नजर आता है। अली जफर और मनजोत सिंह के पास इस बार करने के लिए बहुत कम था। फिर भी फुकरे रिटर्न्स, ज़बरदस्त फिल्म है।

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