Gossipganj
Film & TV News

बधाई हो फिल्म रिव्यू | मनोरंजन का ज़बरदस्त तड़का हंसा कर लोट पोट कर देगा

0 395

बधाई हो एक ऐसी फिल्म है जो आपका बेहतरीन मनोरंजन करती है। शानदार राइटिंग व स्क्रीनप्ले और एक सशक्त कहानी इन सब के साथ अगर सधे हुए कलाकार मिल जाएं तो निश्चित तौर पर ‘बधाई हो’ जैसी एक बेहद उम्दा फ़िल्म बनकर आती है। कॉमेडी में कहा जाता है, किसी की ट्रेजेडी किसी के लिए कॉमेडी बन जाती है। ऐसे ही एक विचार पर शांतनु श्रीवास्तव अक्षत घिल्डियाल ने एक ऐसी फ़िल्म लिखी है, जिसे देखते-देखते आप हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे। निर्देशक अमित रवींद्रनाथ शर्मा की पकड़ फ़िल्म पर हर शार्ट में नज़र आती है!

अभिनय की बात करें गजराज राव और नीना गुप्ता वैसे ही बहुत समर्थ कलाकार हैं। उन्होंने इस सिचुएशन पर उपजी शर्मिंदगी और लाज को बहुत ही सहज ढंग से अभिनीत किया है। उन दोनों का परफॉर्मेंस देखते बनता है। इसके अलावा आयुष्मान खुराना के लिए यह टेलर मेड रोल है। यह तो उनके लिए लगातार चौथी फ़िल्म हिट फ़िल्मों में शुमार होगी। सान्या मल्होत्रा एक समर्थ अभिनेत्री हैं। उन्होंने भी दिल्ली की एक हाय सोसायटी लड़की की भूमिका बहुत ही सटीक तरह से निभाई है।

कहानी है दिल्ली के ऐसे परिवार की, जिसमें बेटा शादी योग्य हो गया है, लेकिन एक परिस्थितिवश रोमांटिक हुए मां-बाप एक ग़लती कर बैठते हैं और मां गर्भवती हो जाती है! हालांकि समाज में आपको में दृश्य देखा जाता है। मगर शादी योग्य बेटे के मां-बाप एक बार फिर से मां-बाप बनने वाले यह सिचुएशन निश्चित तौर पर पूरे परिवार के लिए असमंजस पैदा कर देती है और इस सिचुएशन से निकलता है हास्य।

‘बधाई हो’ ना सिर्फ आपको हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देती है, बल्कि साथ ही पारिवारिक मूल्यों पर का ध्यान आकर्षित करती है। परिवार कितना महत्वपूर्ण होता है। बहुत ही खूबसूरती से लिखावट की गई है। कुल मिलाकर ‘बधाई हो’ एक ऐसी फ़िल्म है, जिसे छोड़ना घाटे का सौदा होगा। ऐसी फ़िल्में बॉलीवुड में कभी कभी ही बनती हैं।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Loading...