Gossipganj
Film & TV News

टिस्का चोपड़ा का सेंसर बोर्ड पर निशाना, कहा बोर्ड नहीं तय कर सकता कि मुझे क्या देखना है

0 193

टिस्का चोपड़ा का सेंसर बोर्ड पर निशाना, कहा बोर्ड नहीं तय कर सकता कि मुझे क्या देखना है, ‘चटनी’ जैसी अवॉर्ड विनिंग फ़िल्म बना चुकीं टिस्का चोपड़ा इन दिनों अपनी आने वाली फ़िल्म ‘लस्टम-पस्टम’ को लेकर चर्चा में हैं। यह फ़िल्म ओमपुरी की आखिरी फ़िल्म भी है जिसका निर्देशन मानव भल्ला ने किया है, जो 10 अगस्त को रिलीज़ होगी। बता दें कि टिस्का चोपड़ा इन दिनों एक फ़िल्म स्क्रिप्ट लिख रही हैं। इससे पहले उनकी दो किताबें ‘एक्टिंग स्मार्ट’ और ‘वाल्किंग टूवर्ड्स आवरसेल्फ’ पहले ही आ चुकी हैं जो काफी पसंद भी की गयीं। बातचीत के दौरान टिस्का ने यह भी बताया कि वो अपनी छवि से उलट कॉमेडी फ़िल्म करना चाहती हैं क्योंकि उन्हें कॉमेडी बहुत पसंद है। कॉमेडी के लिए किशोर कुमार और ऋषिकेश मुखर्जी टाइप कॉमेडी उनकी फेवरेट है।

टिस्का चोपड़ा एक वेबसाइट सेबातचीत में कहा कि उनके लिए यह एक स्पेशल फ़िल्म है। सेंसरशिप के एक सवाल पर टिस्का कहती हैं- ‘ एक समाज के रूप में मुझे लगता है कि सेंसरशिप जो हो वो सेल्फ सेंसरशिप हो। सेंसरशिप घरों से शुरू होनी चाहिए। माता-पिता को देखना चाहिए कि उनका बच्चा क्या कर रहा है, कहां जा रहा है, क्या देख रहा है? दरअसल, सेंसरशिप की जो अवधारणा है वो बहुत ही डिस्गस्टिंग है। दरअसल इससे आप लोगों को बच्चा बना रहे हैं। मतलब यह कोई और तय करेगा मुझे क्या देखना है?यह कोई कैसे तय कर सकता है?’’

टिस्का आगे कहती हैं कि- ‘अगर मेरी पांच साल की बेटी दस साल के बच्चों का कंटेंट देख सकती है तो ये मेरी चॉइस है कि मैं उसे देखने दूं या नहीं! कोई दूसरा क्यों तय करे कि उसे क्या देखना है? मेरा ये मानना है कि मैं उसे एक ऐसी परवरिश दूं कि वो निर्णय कर सके कि क्या देखना है और क्या नहीं देखना है?’ जाहिर है कि टिस्का चोपड़ा ज़िंदगी को लेकर काफी सरल और सहज भाव रखती हैं। उम्मीद है कि उनकी ये सोच आगे तक जाएगी।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Loading...