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पद्मावत को लगी 100 करोड़ की चोट, थियेटर मालिक फिल्म लगाने में हिचक रहे हैं

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पद्मावत को लगी 100 करोड़ की चोट, थियेटर मालिक फिल्म लगाने में हिचक रहे हैं , पद्मावत के बैन की मांग कर रही करणी सेना और राजपूत संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला आज भी जारी है। गुजरात में कल कई जगह प्रदर्शन व मल्टीप्लैक्सों में तोड़-फोड़ हुई।इधर, राजस्थान के सभी जिलों में करणी सेना की ओर से रैली, व चक्काजाम कर प्रदर्शन किए जा रहे है। फिल्म के विरोध में सवाई माधोपुर को मंगलवार को बंद किया गया था। वहीं करणी सेना की ओर से शहर के कई अन्य शहरों में बंद की योजना है।

फिल्म समीक्षक भले ही संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म ‘पद्मावत’ को बेहतरीन बता रहे हों, लेकिन डर का माहौल अब भी कायम है। ट्रेड पंडितों के अनुसार फिल्म निर्माताओं का भारी नुकसान होना तय है। उनका तर्क है कि प्रमुख रूप से जिन चार बड़े राज्यों में फिल्म को लेकर सबसे अधिक बवाल है, वहां ​यह फिल्म ​प्रदर्शित होने की सूरत में करोड़ों की कमाई कर सकती है। लेकिन इन राज्यों में सिनेमाघर मालिकों और मल्टीप्लैक्स संचालकों में डर का माहौल है। वे आशंकाओं के चलते फिल्म को नहीं लगाना चाहते। हालांकि सरकारों की ओर से सुरक्षा के आश्वासन ​दिए गए है। लेकिन अब तक इन राज्यों में ‘पद्मावत’ को लेकर बुकिंग प्रारंभ नहीं हो सकी है और फिल्म कल ही प्रदर्शित होनी है।

ट्रेड पंडितों और डिस्ट्रीब्यूटरों के अनुसार चार राज्यों में फिल्म लगाने का माहौल ही नहीं बन पा रहा है। दर्शक भी डरे हुए हैं। पहली बात को इन राज्यों में फिल्म का नहीं लग पाना तय है और लग भी जाए, तो दर्शक भी आशंकाओं से घिरे होने के कारण फिल्म देखने नहीं जा सकेंगे। एेसे में निर्माताओं को 100 करोड़ से अधिक का नुकसान होगा। गौरतलब है कि भंसाली प्रोडेक्शन और वॉयकॉम 18 की फिल्म पद्मावत का बजट करीब 190 करोड़ है।

राजस्थान सरकार की ओर से सिनेमाघर मालिकों को फिल्म लगाने पर पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। लेकिन राजस्थान में कोई भी डिस्ट्रीब्यूटर फिल्म वितरण करने को तैयार नहीं है। वहीं मध्य प्रदेश, गुजरात व हरियाणा में भी सिनेमाघर संचालक ‘पद्मावत’ लगाने को लेकर तैयार नहीं दिख रहे है। डिस्ट्रीब्यूटर और सिनेमाघर मालिकों के इस रवैये से निर्माताओं की परेशानी बढ़ गई है।

राजस्थान सहित गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा व दिल्ली-एनसीआर में ​पद्मावत को लेकर सबसे अधिक बवाल मचा हुआ। ट्रेड पंडितों का मानना है कि फिल्म हिन्दी बैल्ट में सबसे अधिक राशि यही से कमाती, जिसका सीधा-सीधा नुकसान होगा। इधर, करणी सेना सहित कई राजपूत संगठनों ने फिल्म रिलीज होने से पूर्व ही मल्टीप्लैक्सों व मॉल में तोड़फोड़ प्रारंभ कर दी है। साथ ही चक्काजाम व अन्य हिंसक प्रदर्शनों के जरिए करणी सेना फिल्म बैन की मांग पर अड़ी हुई है। पद्मावत को नुकसान हो चुका है और अगर फिल्म रिलीज के वक्त कानून व्यवस्था चरमराई तो पद्मावत को और भी नुकसान हो सकता है।

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