पद्मावत के खिलाफ केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने की मांग, SC में भी फिर से याचिका

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पद्मावत के खिलाफ

पद्मावत के खिलाफ केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने की मांग, SC में भी फिर से याचिका । फिल्म पद्मावत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और नई याचिका लगाई गई है। वकील मनोहर लाल शर्मा ने याचिका में फिल्म से विवादित सीन्स हटाने की मांग की है, साथ ही कोर्ट से जल्द सुनवाई का अनुरोध भी किया। हालांकि, कोर्ट ने सुनवाई सोमवार को तय की है। कोर्ट ने सरकारों को फटकार लगाई और कहा कि आप कुछ हिंसक संगठनों की धमकियों का हवाला दे रहे हैं हम ऐसी याचिकाओं पर सुनवाई क्यों करें?

इससे पहले राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म ‘पद्मावत’ को पूरे देश में रिलीज करने के आदेश में संशोधन की गुहार लगाई थी। करणी सेना और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने भी फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इससे पहले भी कोर्ट ने राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार की याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि राज्यों में कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। कोर्ट ने फिल्म पर रोक लगाने वाली मांगों को खारिज करते हुए आदेश दिए कि इसे बिना किसी रोक के पूरे देश में रिलीज किया जाए।

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लेकिन राजपूत समुदाय के ठेकेदार बन रहे कुछ संगठनों ने SC के फैसले के बाद भी अपना विरोध जारी रखा है। राजपूत संगठनों ने अब नया शिगूफा छेड़ा है। उन्होंने केंद्र से अध्यादेश लाकर फिल्म पद्मावत की रिलीज टालने की मांग की है। राजपूत संगठनों का दावा है कि यह मुद्दा अब उनकी फिल्म तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे हिंदू समाज को शामिल करता है। सर्व समाज संघर्ष समिति ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है। जिसमें कहा गया है कि पद्मावत की रिलीज रोकने के लिए अध्यादेश लाया जाए। अध्यादेश के जरिए रानी पद्मिनी के सम्मान को बचाने और हिंदू सभ्यता को बरकरार रखने का हवाला दिया है।

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श्री राजपूत सभा के प्रमुख और समिति के संयोजक गिरिराज सिंह लोटवारा ने कहा, मैंने पीएम और सीएम से फिल्म पर रोक लगाने के लिए अध्यादेश की मांग की है। फिल्म के जरिए हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। राजपूत नेताओं ने धमकी देते हुए कहा कि अगर 24 घंटे में अध्यादेश नहीं लाया गया तो हालात और भी खराब हो सकते हैं। राज्य सरकार को अब सुप्रीम कोर्ट के पास जाने की जरूरत नहीं है। अब भी हम किसी भी वक्त फिल्म को रोक सकते हैं।

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