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पद्मावत रिलीज होने के बाद करणी सेना गिना रही है फिल्म में खामियां!

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पद्मावत रिलीज होने के बाद करणी सेना गिना रही है फिल्म में खामियां! पद्मावत रिलीज हो चुकी है। करणी सेना भले ही विरोध कर रही हो लेकिन अब उसकी हालत खिसियानी बिल्ली जैसी हो गई है। विवादित फिल्म पद्मावत की बंपर कमाई के बावजूद करणी सेना का गुस्सा कम नहीं हो रहा। फिल्म की सफलता की तुलना करणी सेना ने सनी लियोन से कर डाली और फिल्म के आपत्तिजनक सीन गिनाए, जिनके बारे में उनका कहना है कि ऐसे सीन राजपूतों की भावनाओं को आहत कर रहे हैं।

फिल्म पद्मावत की रिलीज का विरोध करते हुए करणी सेना ने कहा है कि यदि उन लोगों को ‘पद्मावत’ फिल्म के अधिकार सौंपने के लिए भंसाली राजी होते हैं तो वह इस फिल्म को बनाने पर हुए खर्च का भुगतान करने को तैयार हैं। साथ ही करणी सेना ने देश में विरोध के दौरान हुईं हिंसक घटनाओं में शामिल न होने की बात भी कही है।

आपको बता दें कि करणी सेना ने इतिहासकारों के जिस पैनल को चुना था उसके दो सदस्य भी पद्मावत को ग्रीन सिग्नल दे चुके हैं। इसके बावजूद करणी सेना के बोल इस तरह के हैं।  विवाद, बवाल और विरोध के बीच पद्मावत की बंपर कमाई को लेकर पूछे गए सवाल पर करणी सेना ने कुछ ऐसा जवाब दिया। ये पूछे जाने पर कि इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर कमाई भी मिल रही है और बाहर अच्छा समर्थन मिल रहा है तो करणी सेना कहती है कि “ये भारत है, यहां तो सनी लियोनी को भी समर्थन मिल जाता है।

मामले को सुलझाने के लिए पंडित श्री श्री रविशंकर ने मध्यस्थता करने की कोशिश की। जयपुर कॉलेज के प्रिसिंपल और रिटायर्ड इतिहास प्रोफेसर को बेंगलुरु में फिल्म देखने के लिए बुलाया। दोनों ने ही फिल्म देखने के बाद दावा किया था कि इसका इतिहास से कुछ लेना देना नहीं है और किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होती।

करणी सेना के प्रवक्ता विजेंद्र सिंह ने कहा कि वो इस बात से सहमत नहीं है। साथ ही सवाल भी उठाया कि अगर दोनों ही लोगों ने फिल्म पर आपत्ति जता दी होती तो क्या भंसाली फिल्म की रिलीज़ रोक लेते? पद्मावत में अभी भी कई आपत्तिजनक सीन हैं, जिनका इतिहास में कहीं भी जिक्र नहीं मिलता, जो भावनाएं आहत करते हैं।

विजेंद्र सिंह कहते हैं कि गर्भवती महिलाएं कभी भी जौहर नहीं करतीं, लेकिन फिल्म में ऐसा दिखाया गया है। इसके अलावा जब अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया, तब वो 55 साल का था, लेकिन फिल्म में उसे युवा और ताकतवर दिखाया गया है, इसके साथ ही खिलजी के सैनिक चित्तौड़गढ़ के दरवाज़े तोड़ नहीं पाए थे।

खिलजी इस किले के दरवाजे को साथ लेकर दिल्ली आ गया था और फिर भरतपुर के राजा सूरजमल 400 साल बाद उस दरवाजा वापस लेकर आए थे। फिल्म में दिखाया है कि खिलजी ने उस दरवाजे को तोड़ दिया था। फिल्म के अंदर खिलजी को महारावल रतन सिंह को उनके ही दुर्ग में आकर चुनौती देते दिखाया गया है, क्या ये संभव है?

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