Gossipganj
Film & TV News

सलमान खान को आसानी से मिल सकती है बेल, जानिए कैसे?

सेशन कोर्ट में अपील दायर

0 34

सलमान खान को आसानी से मिल सकती है बेल, जानिए कैसे? काले हिरनों के शिकार के मामले में सलमान खान को 5 साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद उनके बचपन के दोस्त साजिद नाडियडवाला ने बागी-2 की पार्टी कैंसल कर दी है। हालांकि नाडियाडवाला समेत सल्लू के तमाम फ्रेंड्स और उनके फैन्स के लिए यह बड़ी चिंता की बात नहीं है। इसकी वजह यह है कि सुपरस्टार को जमानत मिलने में बहुत मुश्किल आने की आशंका नहीं है। 1998 के शिकार मामले में सलमान को जेल से बेल मिलने की पुख्ता संभावनाएं हैं।

इस मामले में अन्य 5 लोगों को बरी किए जाने के मतलब है कि जोधपुर के बाहर रिमोट एरिया में आधी रात को सलमान खान अकेले शिकार के लिए निकले थे। जोधपुर के सीजेएम की ओर से सुनाए गए 201 पेज के फैसले में गवाहों के बयानों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि अन्य आरोपी उसी वाहन में मौजूद थे, जिसमें सलमान खान थे। यह साबित नहीं होता कि उन लोगों ने सलमान से फायर करने को कहा था।

दो दशक से चल रहे इस मामले में सलमान को खान को ट्रायल के दौरान जब भी समन जारी किया गया, वह हाजिर हुए हैं। ऐसे में कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने के आधार पर उन्हें आसानी से बेल मिल सकती है। सलमान खान के वकील आनंद देसाई ने गुरुवार को कहा कि जजमेंट के खिलाफ हमारी लीगल टीम ने सेशन कोर्ट में अपील दायर कर दी है। इस सजा के निलंबन और बेल को लेकर अदालत में शुक्रवार को सुनवाई होगी। सलमान के वकील ने कहा कि यह जजमेंट सरप्राइज की तरह है।

इसके अलावा जोधपुर सेशन कोर्ट में सलमान के वकीलों की ओर से यह तर्क भी दिया जा सकता है कि सलमान को जिन मामलों में निचली अदालतों में दोषी करार दिया गया था, उनमें उच्च न्यायायलों से बरी किया गया है। ऐसे में किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं कहा जा सकता। हालांकि इस बात की पूरी संभावना है कि जो भी पक्ष बेल के मामले में हारता है, वह हाई कोर्ट का रुख जरूर करेगा।

यदि सेशन कोर्ट से सलमान खान को बेल नहीं मिलती है तो उन्हें हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा। कानूनी जानकार और सुप्रीम कोर्ट के वकील डीबी गोस्वामी बताते हैं, ‘मैजिस्ट्रेट की अदालत में 7 साल तक की सजा के मामले में सुनवाई होती है। इस मामले में भी इसी कारण मैजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई हुई है और फैसला सुनाया गया है। अगर सजा तीन साल तक होती, तो इसी कोर्ट में सजा सस्पेंड करने की अर्जी दाखिल की जा सकती थी। लेकिन सजा जैसे ही 3 साल से ज्यादा हो तो मैजिस्ट्रेट अदालत सजा सस्पेंड नहीं कर सकती। फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। सजा के खिलाफ अपील दायर करने के लिए 60 दिनों की मियाद तय की गई है।’

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Loading...