सोहा अली खान को जो काम 21 साल की उम्र में करना था, उसे उन्होंने 18 पहुंचते ही कर लिया , पटौदी खानदान और करीना कपूर की ननद और सैफ अली खान की बहन सोहा अली खान बड़ी मुश्किल में फंसती नजर आ रही हैं। क्योंकि हरियाणाा के लोकायुक्त ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में सोहा अली खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। लोकायुक्त के आदेश के बाद पीपुल्स फार एनीमल के चेयरमैन नरेश कादियान ने पटौदी थाने में एफआईआर के लिखित शिकायत दे दी है। नवाब पटौदी की बेटी सोहा अली खान पर आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों से मिलीभगत करके 18 साल की उम्र में शस्त्र लाइसेंस बनवा लिया था। फिल्म अभिनेत्री से जुड़ा यह पूरा मामला कई सालों से सुर्खियों में है।

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लोकायुक्त के आदेशों में तब यह बात सामने नहीं आई थी कि सोहा अली खान पर एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन 27 अप्रैल को जैसे ही लोकायुक्त के आदेशों की कापी शिकायतकर्ता नरेश कादियान के पास पहुंची तो इसका खुलासा हुआ कि रजिस्ट्रार की सिफारिश पर लोकायुक्त ने सोहा अली खान तथा इस पूरे मामले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आरोप के अनुसार सोहा अली खान ने 18 साल एक माह की उम्र में यह शस्त्र लाइसेंस बनवाया था, जबकि 21 साल की उम्र में उनकी पात्रता बनती थी। लोकायुक्त के आदेशों के बाद यह मामला एक बार फिर से गर्मा गया है। इस मामले में संदेह के दायरे में आए तत्कालीन अधिकारी अपने बचाव की दिशा में सक्रिय हो गए हैं।

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फिल्म अभिनेत्री सोहा अली खान के नाम 1996 में गुरुग्राम से यह शस्त्र लाइसेंस बना था। आरोप है कि जिसका इस्तेमाल उनके पिता नवाब मंसूर अली खान पटौदी समेत छह लोगों ने झज्जर में काले हिरण का शिकार करने में किया था। गलत तरीके से शस्त्र लाइसेंस बनवाने की शिकायत लोकायुक्त के 2016 में मिली थी। पीपुल्स फॉर एनीमल के चेयरमैन नरेश कादियान ने यह शिकायत की थी। लोकायुक्त के रजिस्ट्रार ने पूरे मामले की जांच और सुनवाई के बाद लोकायुक्त को अपनी रिपोर्ट इसी माह दूसरे सप्ताह में सौंप दी थी। 20 अप्रैल को मामले की सुनवाई करते हुए लोकायुक्त जस्टिस एन के अग्रवाल ने गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर, गुरुग्राम के डीसी, झज्जर के एसपी और झज्जर के डीसी समेत पांच लोगों को अपना पक्ष रखने तथा 24 जुलाई से पहले रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।

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