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शंकर महादेवन | व्यूज़ नहीं बल्कि दर्शकों की वास्तविक प्रतिक्रिया मायने रखती है

शंकर महादेवन | व्यूज़ नहीं बल्कि दर्शकों की वास्तविक प्रतिक्रिया मायने रखती है, म्यूजिक मेस्ट्रो  शंकर महादेवन जो अपनी आगामी फिल्म ‘राज़ी’ के लिए उत्साहित हैं, कहते हैं कि आज एक गीत के लिए मिलियन व्यूज़  प्राप्त करना मुश्किल नहीं है और इसलिए यह महत्वपूर्ण भी नहीं है लेकिन दर्शकों की वास्तविक सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त करना बहुत महत्वपूर्ण है , उनकी फिल्म राज़ी इस में कामयाब हो चुकी है। शंकर महादेवन मुंबई में आने वाली फिल्म राज़ी के प्रमोशन के लिए उनके साथी  एहसान नूरानी और लोय मेंडोसा के साथ मीडिया के बीच मौजूद थे । ‘राज़ी‘ के संगीत  को मिल रही  पॉजिटिव प्रतिक्रिया  के बारे में बात करते हुए महादेवन ने कहा, “सच्ची प्रशंसा और गीत पर 1 मिलियन व्यूज पाना, इन् दोनों बातों में  बहुत अंतर है। आप उन व्यूज को बहुत आसानी से प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि आज मिलियन व्यूज बहोत आम बात हो चुकी है और मै बात नहीं करना चाहता। वास्तव में  दर्शकों की असली प्रतिक्रिया ही  सब से ज़्यादा  कीमती है , जिसकी  किसी और चीज से तुलना नहीं की जा सकती , और मुझे लगता है कि ‘राज़ी’ के संगीत ने वो कीमती प्रतिक्रिया पा ली है।”

अनुभवी गीतकार और लेखक गुलजार अपने करियर के उत्तरार्ध में बहुत ही चुनिंदा  संगीतकार के साथ काम करते हैं, इसलिए गुलजार के साथ काम करने के अनुभव के बारे में शंकर महादेवन ने कहा, “यह हमारे लिए किसी  आशीर्वाद से कम नहीं कि हमें संगीत बनाने का मौका मिला।  फिल्म का संगीत बनाते  समय, हर दिन, हम संगीत के अलावा अलग-अलग मुद्दों पर भी चर्चा करते थे । गुलज़ार साहब बहोत ही  खुले दिल के और  सपोर्टिव किस्म के इंसान हैं जो हमेशा गीत के बेहतरी  सुझावों  को मानते है , मुझे यह भी लगता है कि इस तरह के सम्बन्ध को बनाने में समय भी लगता है।  यदि आप गुलजार साहब या जावेद (अख्तर) साहब जैसे व्यक्ति के साथ इस तरह के रिश्ते को स्थापित करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको खुद को साबित करना होगा और हम ऐसा करने में कामयाब रहे हैं और यही कारण है कि वह हमारी बात सुनते है, अन्यथा हम उनके सामने खड़े भी नहीं हो पाएंगे ”

जब शंकर महादेवन से पूछा गया कि ‘राज़ी’ के गीत लिखते समय उनको और उनके अन्य दो सहयोगियों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, शंकर महादेवन ने कहा, “प्रत्येक परियोजना, हर प्रोजेक्ट चुनौतीपूर्ण होता है। फिल्म के संगीत को स्क्रिप्ट के साथ जस्टिफाई करना किसी चुनौती से कम नहीं। ‘राजी’ में एक गीत है ‘दिल बरो’,  हम ने कश्मीरी लोकसंगीत पर काफी रिसर्च किया। इसमें कश्मीरी इंस्ट्रूमेंट्स का भी उपयोग करना पड़ा। फिल्म के गानो में उस क्षेत्र, उस युग और परिस्थिति के सार को उतारना वाकई एक चुनौती भरा काम है , लेकिन इसके बिना गीत में मजा नहीं है। ‘राजी’ का शीर्षक अफगानी या कश्मीरी संगीत से संबंधित है, लेकिन साथ ही, एक संगीतकार होने के नाते हमें इन् सब बारीकियों का ध्यान रखना पड़ता है। ” ‘राज़ी’ हरिंदर सिक्का के ‘कॉलिंग सहमत’ का एक अनुकूलन है, जो एक उपन्यास है और उस महिला की लगभग अविश्वसनीय वास्तविक जीवन की कहानी से प्रेरित है, जिसे सिक्का ने उसकी पहचान छिपाने के लिए सहमत नाम दिया था। फिल्म में आलिया भट्ट एक कश्मीरी महिला के किरदार में नज़र आएगी, जो एक पाकिस्तानी अधिकारी से उनकी खुफिया जानकारी निकलवाने और उसे भारतीय सेनाओं को पास करने के इरादे से शादी करती है। विकी कौशल पाकिस्तानी अधिकारी की भूमिका में नज़र आएंगे। ‘राज़ी’ को मेघना गुलजार ने निर्देशित किया है , करण जौहर और विनीत जैन द्वारा निर्मित किया गया है। यह 11 मई, 2018 को रिलीज होने वाली है।