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अनुराग मौर्या जिन्होंने संगीत को ही अपनी दुनिया बना लिया

गॉसिप गंज के एडिटर मधुरेंद्र पाण्डे से खास बातचीत

अनुराग मौर्या जिन्होंने संगीत को ही अपनी दुनिया बना लिया, कहते हैं कि हुनर यूं ही नहीं आता, उसके लिए आपको तपस्या करना पड़ती है। ऐसा ही कुछ हुआ है गायक अनुराग मौर्या के साथ। अनुराग मौर्या के सफर पर गॉसिपगंज के एडिटर मधुरेंद्र पाण्डे ने बात की।

मधुरेंद्र पाण्डे – तो अनुराग जी स्वागत है आपका, पहले तो आपसे जानना चाहेंगे कि आपके ज़ेहन में सिंगर बनने का सपना आया कैसे।

अनुराग मौर्या – जी बिल्कुल आपको इस बारे में मैं विस्तार से बताना चाहूंगा। दरअसल हम लोग रहने वाले उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर के हैं लवेकिन पैरेंट्स कोलकाता में थे। पढ़ाई लिखाई भी कोलकाता में हुई। बचपन से स्टेज शो किया करता था। उसके बाद उस्ताद राशिद खान जी की एकेडमी में दाखिला लिया और सुरों का ककहरा सीखने लगा। उसके बाद जब मुंबई आना हुआ तो यहा सा रे गा मा पा एकेडमी में मेरा सेलेक्शन हो गया और एक साल तक यहां गायिकी सीखी।

मधुरेंद्र पाण्डे – कहते हैं कि मुंबई लोगों को दिल तोड़ देती है। कभी स्ट्रगल से तो कभी किसी दूसरे कारण से। आपके साथ भी ऐसा हुआ?

अनुराग मौर्या – (हंसते हुए) हां वो तो है लेकिन मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ। मुझे मुंबई में सिंगिंग में करियर बनाना था। साल 2012 में दूरदर्शन के भारत की शान के लिए ऑडिशन दिया और वहां सेलेक्शन हो गया। तो लगा कि अब सपने सच होने को हैं। इस दौरान मुझे ये क्लियर हो गया कि मुझे प्लेबैक सिंगिंग ही करनी है। फिर अंधेरी वेस्ट में अपने दोस्तों के साथ रहने लगा और करियर धीरे धीरे ही सही पटरी पर आता दिखाई देने लगा।

मधुरेंद्र पाण्डे – शुरुआती दौर कैसा रहा आपके लिए, लोग तो आपको जानने लगे होंगे आपके गानों की वजह से।

अनुराग मौर्या – इस दौरान मैं लोगों से मिलता जुलता रहा। लोग जानने लगे कि मैं सिंगर हूं तो मुझे कभी जिंगल्स तो कभी सीरियल्स में बैकग्राउंड स्कोर गाने का मौका मिलता रहा। यूं कह सकते हैं कि मुंबई में टिके रहने का सबब मिल चुका था। लेकिन असली मौका मैं उसे मानता हूं जब मुझे सिंगल्स गाने का मौका मिला। तुम बिन मैंने गाया फिर उसके बाद साहिल सुल्तानपुरी से मुलाकात हुई जिसके बाद मुझे टी सीरीज के एल्बम मां में गाने का मौका मिला। इसके साथ ही दूरदर्शन के सीरियर वसीयत बनी मुसीबत का टाइटिल ट्रैक गाया। डीडी किसान का भगवान परेशान का भी टाइटिल ट्रैक गाया। इसके अलावा बीएसएनएल के एड के लिए भी सिंगिंग की

मधुरेंद्र पाण्डे – फिल्मों के लिए गाने का मौका कैसे मिला?

अनुराग मौर्या – अब तक मेरे दस सिंगल्स रिलीज हो चुके हैं। रही बात फिल्मों की तो जब मैं कोलकाता था तो साल 2016 के अंत में एक फिल्म मेकर हैं सौरभ श्रीवास्तव उनकी फिल्म एक और शराब आई, मुंबई आने के तीन महीने बाद वो मिले प्ले दिस के लिए। इस फिल्म में तीन गाने मैंने गाए हैं। ये फिल्म 9 जुलाई को रिलीज हो चुकी है। अभी माल रोड दिल्ली में गाना गाया है। बस अब लगता है कि मंज़िल दूर नहीं है।

मधुरेंद्र पाण्डे – गॉसिप गंज की ओर से आपको आपके सुनहरे भविष्य के लिए बहुत बहुत शुभकामनाए, आपसे बात करके अच्छा लगा।

अनुराग मौर्या – मुझे भी, धन्यवाद