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संजय दत्त की बेटी खुश है भूमि में उनके साथ काम करके

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संजय दत्त की बेटी खुश है भूमि में उनके साथ काम करके , बी-टाउन में जगह बना चुकीं अदिति राव हैदरी के पास इन दिनों कई प्रोजेक्ट्स हैं। इसके अलावा वे मणि रत्नम की साउथ मूवी ‘काटरू वैलेदियाई’ को लेकर भी चर्चा में हैं। इसके अलावा वो संजय दत्त के साथ भूमि में काम कर रही हैं। इसमें वो संजय दत्त की बेटी बनी हैं।

भूमि में संजय के बारे में कहते हुए वो भावुकता पूर्ण तरीके से बोली कि संजू बाबा शूटिंग शुरू होने से पहले ही वे बहुत केयरिंग, उत्साहवद्र्धक और कूल थे। वे बहुत नेचरल हैं। ऐसा लगता ही नहीं है कि वे एक्टिंग कर रहे हैं। वह जो हो रहा था उस पर रिएक्ट कर रहे थे और यह सब काफी नेचरल था। यह बहुत अच्छी बात है कि मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला। मैं इसे बहुत एंजॉय कर रही हूं। वे अपने अनुभव की बहुत शानदार कहानियां मुझे सुनाते हैं। खास बात यह है कि वह आपके साथ वह सब कुछ शेयर कर रहे हैं।

अदिति राव हैदरी ने कहा कि मैं डॉक्टर का किरदार निभा रही हूं, जो श्रीनगर के जनरल हॉस्पिटल में अपनी पहली जॉब कर रही है। फिल्म में रोमांस है और इसकी कहानी रिश्तों पर है। मुझे डॉक्टर के किरदार के लिए तैयारी करनी पड़ी। मैं चेन्नई में एक हॉस्पिटल गई और वहां कुछ टाइम स्पेंड किया। मैंने स्टेथोस्कोप यूज करने का तरीका सीखा, क्योंकि हमें सही तरह से पता नहीं है कि इसे कैसे यूज करते हैं। फिल्म की बाकी कहानी भावनाओं पर है और मैं नहीं सोचती कि इसके लिए किसी ट्रेनिंग की जरूरत होती है।

वहीं मणि रत्नम के बारे में भी काफी बेबाकी से अदिति ने कहा कि वे बहुत ही खास शख्स और फिल्म निर्माता हैं। वे दोनों का कॉम्बिनेशन हैं। एक बात जो मुझे सबसे अच्छी लगती है, वह यह कि मणि सर रोमांस को बहुत अच्छे से लिखते हैं। मुझे नहीं लगता ऐसा कोई और कर सकता है। जो वो लिखते हैं और फिर जो वो निर्देशित करते हैं, वह उसे अलग ही स्तर पर ले जाते हैं। वह आपको उस जगह और समय में ले जाते हैं। दूसरी बात जो मुझे बहुत अच्छी लगती है, वह यह कि वे बहुत बेहतरी से महिला किरदारों को रचते हैं। निश्चित रूप से वे पुरुष किरदारों को भी शानदार तरीके से लिखते हैं। लेकिन ऐसे बहुत कम लोग हैं जो महिलाओं को खूबसूरती से लिखते हैं। उनकी फिल्मों में महिलाएं मजबूत, खूबसूरत, जड़ों से जुड़ी हुई होती हैं, लेकिन उसी समय वे परम्पराओं से बंधी हुई नहीं होती हैं। वे मजबूत और फ्री स्पिरिट होती हैं। उनका अपना दिमाग होता है और वे किस्मत के साथ अपना रास्ता खुद बनाती हैं। वे अपने पैशन को प्यार करती हैं, साथ ही उनका आत्मसम्मान भी होता है। वे महिला को मजबूत बनाने के चक्कर में उसके नारीत्व को नहीं छीनते हैं।

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