कंगना रनौत नहीं चाहतीं कि लोग उन्हें सिर्फ अभिनेत्री के तौर पर जानें, फिर क्या चाहती हैं वो , कंगना रनौत ने पिछले 11 सालों में 30 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और उनकी पहचान एक बिंदास , बेबाक और इंटेंस एक्ट्रेस के रूप में होती रही है। लेकिन कंगना रनौत की माने तो वो अपने को ता-उम्र अभिनेत्री नहीं फिल्म मेकर कहलवाना चाहती हैं। झांसी की रानी पर बन रही इस फिल्म में उनके जीवन के गहन रिसर्च के साथ कंगना को हर तरह की ट्रेनिंग करनी है। फिल्म की शूटिंग के लिए उन्हें 80 से 90 दिनों का समय देना होगा और मणिकर्णिका के शूटिंग की शुरुआत महेश्वर से होगी।

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वाराणसी के राजेंद्र प्रसाद (दशाश्वमेध घाट के पास ) घाट पर फिल्म मणिकर्णिका का पोस्टर जारी करने के बाद एक बातचीत में जब कंगना से पूछा गया कि अगर आने वाले वर्षों में उन पर कोई बायोपिक बनाई जायेगी तो उसका नाम क्या हो सकता है , कंगना ने कहा कि वो चाहती हैं कि आने वाले समय में लोग उन्हें फिल्म मेकर के रूप में जाने। वो इसके लिए अब बहुत कुछ करने जा रही हैं। एक फिल्म मेकर कहलवाना उनके लिए बड़ी बात होगी और यही उनकी पैशनेटली इच्छा है। कंगना ने कहा कि अभी तो बायोपिक की बात हो नहीं सकती लेकिन जब वो अपने आपको इस लेवल पर फील करने लगेंगी तब जा कर हो इस बारे में को नाम सोच सकती हैं।

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झांसी की रानी के जीवन पर बनने वाली फिल्म मणिकर्णिका – द क्वीन ऑफ़ झांसी में लीड रोल कर रही कंगना मानती हैं कि लक्ष्मीबाई का जीवन एक सुपरहीरो की तरह। ये समझ में नहीं आता कि आजतक उन पर फिल्म क्यों नहीं बनाई गई। बता दें कि हाल ही में ये ख़बर आई थी कि केतन मेहता झांसी की रानी पर कंगना को लेकर फिल्म बना रहे हैं , इस बार में कंगना कहती हैं ” वो अंग्रेजी में फिल्म बना रहे हैं। ये हिंदी में है। दोनों मुझे ऑफर हुई थीं लेकिन मुझे लगा कि रानी झांसी का इतिहास हम भारत के लिए लिए ज़्यादा जरुरी है फिर वो चाहे जहां हो , न कि विदेशी लोगों के लिए। इसी कारण मैंने केतन मेहता की जगह ये फिल्म में काम करना उचित समझा। ”

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