फ्लॉप फिल्मों से शुरु हुआ सफर कामयाबी की मंज़िल तक पहुंचा गया,

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फ्लॉप फिल्मों से शुरु हुआ सफर कामयाबी की मंज़िल तक पहुंचा गया,  , दुनिया से अलविदा कह गए शशि कपूर का बॉलीवुड में नाम हमेशा रहेगा। शशि कपूर ने एक्टिंग की शुरुआत बतौर बाल कलाकार की थी। इनमें 1948 में प्रदर्शित फिल्म आग और 1951 में प्रदर्शित फिल्म ‘आवारा’ शामिल है जिसमें उन्होंने अभिनेता राजकपूर के बचपन की भूमिका निभाई।

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शशिकपूर ने अभिनेता के रूप में सिने करियर की शुरुआत वर्ष 1961 में यश चोपड़ा की फिल्म ‘धर्म पुत्र’ से की। इसके बाद उन्हें विमल राय की फिल्म ‘प्रेम पत्र’ में भी काम करने का अवसर मिला लेकिन दुर्भाग्य से दोनों ही फिल्में टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई। इसके बाद शशि कपूर ने मेंहदी लगी मेरे हाथ, होली डे इन बांबे और बेनेजीर जैसी फिल्मों में भी काम किया लेकिन ये फिल्में भी टिकट खिड़की पर बुरी तरह नकार दी गई।

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वर्ष 1965 शशि कपूर के सिने करियर का अहम वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष उनकी ‘जब जब फूल खिले’ प्रदर्शित हुई। बेहतरीन गीत, संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की जबर्दस्त कामयाबी ने शशि कपूर को भी स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। वर्ष 1965 से 1976 के बीच कामयाबी के सुनहरे दौर में शशि कपूर ने जिन फिल्मों में काम किया। उनमें अधिकतर फिल्में हिट साबित हुई।

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