कैंसर से जंग जीत चुके अनुराग बसु अब कैंसर पर फिल्म बनाना चाहते हैं

कैंसर से जंग जीत चुके अनुराग बसु अब कैंसर पर फिल्म बनाना चाहते हैं , फिल्म निर्माता और कैंसर की जंग जीत चुके अनुराग बसु ने कहा कि वह कभी भी अपने ‘दुख’ को दिखाना नहीं चाहते थे, यही कारण है कि वह कैंसर पर फिल्म निर्माण से दूर रहे। हालांकि वह अब ऐसी स्क्रिप्ट के साथ तैयार हैं, जो किताब या फिल्म के जरिए रिलीज हो सकती है। बसु ने एक इमेल साक्षात्कार में कैंसर पर फिल्म बनाए जाने के बारे में पूछे जाने पर बताया, ‘हां, मैं ऐसा करूंगा।’

अनुराग बसु मौत से जीते

गौरतलब है कि बसु वर्ष 2004 में ब्लड कैंसर के एक प्रकार प्राणघातक ‘प्रोमाइलोसाइटिक ल्यूकेमिया’ से जूझ रहे थे और डॉक्टर्स ने उनकी जिंदगी केवल दो माह बताई थी। लेकिन वह अपनी फिल्मों की तरह कैंसर से भी लड़े और विजयी हुए। मौत को इतने करीब से देखने के बाद उनकी प्राथमिकता पूरी तरह बदल गई।

तानी बसु से विवाह करनेवाले और दो बच्चियों- इशाना व आहना के पिता बसु ने कहा, ‘हां, थोड़ी बहुत मेरी प्राथमिकता बदल गई और इसका असर मेरी फिल्मों व कहानियों पर भी पड़ा। कैंसर से अपनी लड़ाई के बाद अब मैं ज्यादा जिम्मेदार पुत्र, पति और पिता बन गया हूं।’

‘मर्डर’, ‘गैंगस्टर’, ‘लाइफ इन ए मेट्रो’, ‘काइट्स’, ‘बर्फी’ व ‘जग्गा जासूस’ जैसी फिल्मों के निर्देशक ने कहा कि एक फिल्म निर्माता के तौर पर, फिल्म के रूप में बड़े पर्दे पर जागरूकता फैलाने के लिए कुछ मुद्दों को लाना होता है।

अनुराग बसु ने कहा, ‘पहले मैं हमेशा कैंसर पर फिल्म बनाने से बचता था। इसका पहला कारण यह था कि मुझे अपना अनुभव बयां करना होता और दूसरा कारण, मैं हमेशा अपने साथ घटित दुखद आपबीती को कमर्शियल फिल्मों में दिखाने में झिझक महसूस करता था।

यह विषय मेरे काफी करीब है और सभी फिल्मों के बाद मैं इसके बारे में सोचता हूं। एक स्क्रिप्ट है, जिसे मैंने अपने कैंसर और उस दौरान अस्पताल में रहने पर लिखा है और एक दिन शायद ऐसा आएगा, जब मेरी यह स्क्रिप्ट या तो किताब या फिल्म का रूप ले लेगी।’

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