अमिताभ बच्चन के वो डॉयलॉग्स जिन्होंने उन्हें शहंशाह बनाया

अमिताभ बच्चन का आज जन्मदिन है। आज इस मौके पर आपको हम उनके उन 21 डॉयलॉग्स के बारे में बताएंगे जिन्हें सुनकर आपकी यादें ताज़ा हो जाएंगी और यकीन मानिए इनमें से कुछ डॉयलॉग्स ऐसे हैं जिन्हें आपने भी कभी ना कभी किसी ना किसी को ज़रूर बोला होगा।

अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड का शहंशाह यू ही नहीं कहा जाता। उनकी संवाद अदायगी के आज भी लाखों लोग दीवाने हैं। उनकी आवाज में वो जादू है, जो लेखन में प्राण फूंक देता है।

रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं नाम है शहंशाह

शहंशाह

डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।

डॉन

तुम्हारा नाम क्या है बसंती

शोले

अगर अपनी मां का दूध पीया है तो सामने आ

लावारिस

ये तुम्हारे बाप का घर नहीं पुलिस स्टेशन है इसलिए सीधी तरह खड़े रहो

ज़ंजीर

है किसी माई के लाल में हिम्मत जो हमारे सामने आए

नमक हराम

जाओ पहले उस आदमी का साइन लेकर आओ जिसने मेरे बाप को चोर कहा था। पहले उस आदमी का साइन लेकर आओ जिसने मेरी मां को गाली देकर नौकरी से निकाल दिया था। पहले उस आदमी का साइन लेकर आओ जिसने मेरे हाथ पर ये लिख दिया था ये…उसके बाद…उसके बाद…मेरे भाई तुम जहां कहोगे मैं वहां साइन कर दूंगा।

दीवार

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है कि ज़िंदगी तेरी ज़ुल्फों की नर्म छावों में गुजरने पाती तो शादाब हो भी सकती थी

कभी कभी

आनंद मरा नहीं, आनंद मरते नहीं

आनंद

पूरा नाम विजय दीना नाथ चौहान…बाप का नाम दीना नाथ चौहान…मां का नाम सुहासिनी चौहान..गांव मंडवा…उमर छत्तीस साल

अग्निपथ

आज मेरे पास बंगला है, गाड़ी है, बैंक बैलेंस है…क्या है तुम्हारे पास

दीवार

मैं और मेरी तन्हाई अक्सर ये बातें करते हैं (Silsila)

मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता

दीवार

मूंछें हो तो नत्थूलाल जैसी वर्ना ना हों

शराबी

सही बात को सही वक्त पर किया जाए तो उसका मजा ही कुछ और है, और मैं सही वक्त का इंतजार करता हूं: त्रिशूलगोवर्धन सेठ समंदर में तैरने वाले कुओं और तालाबों में डुबकी नहीं लगाया करते

मुकद्दर का सिकंदर

जिस तरह गोभी का फूल, फूल होकर भी फूल नहीं होता..वैसे ही गैंडे का फूल भी फूल होकर फूल नहीं होता

चुपके चुपके

आप आपके पास आपकी सारी दौलत सही…सब कुछ सही…लेकिन मैंने आप से ज़्यादा गरीब आज तक नहीं देखा..गुड बाय मिस्टर आर के गुप्ता

त्रिशूल

परंपरा..प्रतिष्ठा…अनुशासन..ये इस गुरुकुल के तीन स्तंभ हैं। ये वो आदर्श हैं जिनसे हम आपका आने वाला कल बनाते हैं

मोहब्बतें

अरे ये जीना भी कोई जीना है लल्लू

मिस्टर नटवरलाल

इस दुनिया में तो तरह का कीड़ा होता है। एक वो जो कचरे से उठता है और दूसरा वो जो पाप की गंदगी से उठता है

हम

हम जहां खड़े हो जाते हैं लाइन वहीं से शुरु होती है

कालिया

I can talk English, I can walk English, I can laugh English because English is a very funny language. Bhairo becomes Byron because their minds are very narrow!

नमकहलाल

दारू पीने से लीवर खराब हो जाता है

सत्ते पे सत्ता

पीटर तुम लोग मुझे वहां ढूंढ रहे थे और मैं तुम्हारा यहां इंतज़ार कर रहा हूं

दीवार

अपनी शर्तों पर चलने वाले को कीमत चुकानी पड़ती है, मुझे जो सही लगता है वो मैं करता हूं

 सरकार राज

मनोरंजन की ताज़ातरीन खबरों के लिए Gossipganj के साथ जुड़ें रहें और इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमें twitter पर लेटेस्ट अपडेट के लिए फॉलो करें।

You might also like